Bareilly: आज होगा चौबारी मेले का उद्घाटन...नखासा में अवलक, पच कल्यान, सिंधी घोड़ों की धूम
बरेली, अमृत विचार। कार्तिक मास में रामगंगा किनारे लगने वाले चौबारी मेले का रविवार को औपचारिक रूप से उद्घाटन किया जाएगा। गंगा किनारे श्रद्धालुओं को डुबकी लगाने के लिए घाट बनाए जा चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से पूरे इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा को देखते हुए साढ़े तीन फुट के जल स्तर तक बैरिकेडिंग की गई है। लोहे की जाली भी लगाई गई है, ताकि कोई श्रद्धालु धोखे से भी गहरे पानी में न जा सके।
स्नान के लिए दो घाट तैयार किए गए हैं, जिसमें एक घाट चौबारी और दूसरा घाट अंगूरी पर बनाया गया है। घाट के किनारे वॉच टॉवर बनाए गए हैं, जिनसे स्नान करने वालों पर पूरी नजर रखी जाएगी। अंगूरी घाट किनारे जलस्तर कम है। पिछले वर्ष भी इसी घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई थी। मेले में 8 बड़े झूले लग रहे हैं। दुकानें लग गईं। सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए थाना, अस्पताल, फायर स्टेशन सहित कई कैंप लगाए जा रहे हैं। करीब 8 दिन तक चलने वाले मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने पहुंचेंगे।
नखासे में अवलक, पच कल्यान, सिंधी, सजाव नस्ल के घोड़े
मेले में लगने वाले नखासे में दूर- दूर से लोग अपने जानवरों को बेचने के लिए पहुंचते हैं। पहले नखासा बहुत बड़े क्षेत्र में लगता था, लेकिन प्रत्येक साल इसका दायरा सिमटता जा रहा है।नखासा लगने वाली जगह पर प्लॉटिंग हो रही है। लोगों ने बुनियाद भरवा रखी है, इसलिए वहां तक पहुंचने के लिए सीधे रास्ते कम हैं। लोग नखासे में सैकड़ों घोड़ी- घोड़ा लेकर पहुंच चुके हैं। सेंथल निवासी नदीम के पास पच कल्यान नस्ल का घोड़ा है। वह 4 घोड़ों को बेचने आए हैं। वह बताते हैं उनका काम घोड़ा खरीदना और बेचने का काम है। वह साल भर में कई जगह के नखासों में खरीद फरोख्त करते हैं। मेले में अवलक, पच कल्यान, सिंधी, सजाव नस्ल के घोड़े मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि रविवार से घोड़ों की संख्या और बढ़ जाएगी। मेला कमेटी की ओर से अभी घोड़ा खरीद की रसीद काटने का कोई इंतजाम नहीं किया है, और नहीं ही कोई दाम निर्धारित किए गए हैं।
घोड़ों की साज सज्जा का लाखों रुपए का होता है कारोबार
घोड़ों को सजाने संवारने का सामान की दुकानें नखासा में लगाई गई हैं। यहां पर एटा, नबावगंज सहित कई जगह के दुकानदार दुकान लगाए हुए हैं। नखासा इनका लाखों रुपए का कारोबार होता है। घोड़ों को सजाने के लिए कई प्रकार के सामानों का उपयोग किया जाता है। घोड़ों के शौकीन सवार अपने घोड़ों को आयोजन में बिल्कुल सजा कर निकालते है जिससे उनके घोड़े लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। नबावगंज के दुकानदार गुड्डू ने बताया कि दुकानों पर लोग अपनी पसंद के गद्दे, चाबुक, घुंघरू, घंटी, लगाम, काठी, रकाब, बेल्ट और रस्सी जैसी चीजें खरीद रहे हैं। यह सामान जानवरों की सजावट और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए होता है।
