अमानगढ़ टाइगर रिजर्व : पहले दिन पांच सफारी वाहनों से 25 से 30 सैलानियों ने किया भ्रमण

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। रविवार को जिले के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए औपचारिक रूप से सफारी की शुरुआत हो गई। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई इस पहली सफारी ने स्थानीय निवासियों और वन्यजीव प्रेमियों दोनों में उत्साह का संचार किया। पहले दिन पांच सफारी वाहनों से 25 से 30 सैलानियों ने भ्रमण किया और दुर्लभ वन्यजीवों देख रोमांचित हो उठे। बाघ, हाथी, चीतल, काकड़, जंगली सूअर और मोर जैसे जीवों को करीब से देखने का रोमांच सैलानियों के चेहरों पर स्पष्ट दिखाई दिया।

सुबह की ठंडी हवा के साथ जब पर्यटकों के वाहन रिजर्व के हरे-भरे जंगलों में दाखिल हुए तो वातावरण में उत्सुकता का भाव साफ झलक रहा था। हर किसी की नजर इस उम्मीद में इधर-उधर घूम रही थी कि कहीं से बाघ या हाथी नजर आए। सफारी के दौरान गाइडों ने पर्यटकों को वन्यजीवों के बारे में विशेष जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर फैला एक महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है, जहां समृद्ध जैव विविधता मौजूद है। यह रिजर्व कई प्रकार के दुर्लभ पक्षियों और स्तनधारियों का घर है। सफारी के दौरान कुछ सैलानियों को जब बाघ की झलक मिली तो रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया। बाघ के जंगल की पगडंडी पार करते ही वाहनों में सवार सभी पर्यटक कुछ क्षणों के लिए शांत हो गए और कैमरों की क्लिक से उस अद्भुत पल को कैद करने लगे।

जंगल में गूंजती मोरों की आवाज और घने साल व सागौन के वृक्षों के बीच से आती ठंडी हवा ने अनुभव को और भी मंत्रमुग्ध करने वाला बना दिया। स्थानीय निवासी भी सफारी की शुरुआत से बेहद खुश थे। इससे क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। वनाधिकारियों के अनुसार आसपास के गांवों के युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे पर्यटकों को क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दे सकें। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर उनकी आय के नए साधन तैयार किए जा रहे हैं।

सीमित संख्या में वाहनों की ही अनुमति
वन संरक्षक रमेश चंद्र ने बताया कि पहले दिन के मुकाबले आने वाले आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रतिदिन सीमित संख्या में वाहनों की ही अनुमति दी गई है ताकि प्राकृतिक परिवेश और वन्यजीवों की शांति बनी रहे। विभाग ने सफारी मार्गों के रखरखाव, सुरक्षा उपायों और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों पर विशेष ध्यान दिया है।

सूचना बोर्ड से प्रकृति संजोने की अपील
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यहां के शांत जलाशय, पथरीले पहाड़, हरे-भरे घाटी क्षेत्र और विशाल वृक्षों की छाया में बसे जीव-जंतु इस इलाके को जीवंत बनाते हैं। यह सफारी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरुकता का माध्यम भी बन रही है। विभाग द्वारा लगाए गए सूचना बोर्डों और दिशा संकेतों के माध्यम से पर्यटकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि जंगल की शांति को भंग न करें और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखें।

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