Bareilly : सराफ की बहन बोली - मेरे भाई को उसकी पत्नी ने मार डाला

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। मेरे भाई को उसकी पत्नी ने मार दिया। मेरा भाई जब भी फोन करता था तो कहता था मुझे बर्बाद कर दिया है। मेरी पत्नी ने महंगे शौक से मुझे कर्जदार बना दिया है। वो अपने पति, ससुर और बच्चों को खाना तक बनाकर नहीं देती थी। अपने लिए होटल से खाना मंगाकर खा लेती थी। भाई को मारकर उसे कमरे में फंदे से लटका दिया। भमौरा थाना क्षेत्र के देवचरा इलाके की रहने वाली नेहा ने सर्राफा कारोबारी भाई अंकुर सोनी (33) के लिए कहा। उसका भाई अंकुर अब इस दुनिया में नहीं है। सोमवार शाम जब घर की दूसरी मंजिल का दरवाजा तोड़ा गया तो अंकुर का शव फंदे से लटकता मिला था।

थाना क्षेत्र के देवचरा में तीन दिनों तक सर्राफा कारोबारी का शव दूसरी मंजिल पर बने कमरे में फंदे पर लटका रहा। किसी को भनक तक नहीं लगी। पूरा परिवार और पुलिस बरेली से लेकर लखनऊ तक सर्राफा कारोबारी को तलाशती रही। तीन दिन बाद जब कारोबारी की बहन ने जीने का ताला तोड़कर कमरे की तलाशी ली तो उसके भाई का शव फंदे पर लटका हुआ था। उसके शव से बदबू आ रही थी। बहन नेहा ने बताया, एक नवंबर को भैया-भाभी के बीच कहासुनी हुई थी। फिर भाभी ने कहा कि वो चला गया है, लेकिन वो कहीं नहीं गया था। वो ऊपर कमरे में लटका मिला। दरवाजे पर बाहर से ताला लगा था। तीन दिन तक उसकी लाश सड़ती रही। जब हम पहुंचे तो बदबू आ रही थी। जीने पर ताला था। उसकी पत्नी पुलिसवालों को मेरे भाई की लोकेशन लखनऊ की बता रही थी, जबकि फोन तो उसकी जेब में ही मिला।

नेहा ने रोते हुए कहा, "ये औरत मेरे भाई को खा गई। उसके शौक पूरे नहीं होते थे। मेरा भाई जब फोन करता तो कहता- ‘बहन, हम बर्बाद हो गए हैं, ये हमें जीने नहीं दे रही।’ वो न पापा को खाना देती थी, न बच्चों को। बाहर से मंगवाकर खुद खा लेती थी। छोटे-छोटे बच्चे हमारी गोद में पल रहे हैं। वो इतनी लापरवाह थी कि 9 महीने की बच्ची कूलर में चिपक गई थी और वो उसे छुड़ा भी नहीं रही थी। मोहल्ले में चिल्ला रही थी, लेकिन बच्चे की जान पर बन आई थी। तब हम लोग दौड़े और डॉक्टर के पास ले गए। अंकुर की मौसी रेखा का कहना है कि अंकुर मेरी बहन का लड़का था। उसके बच्चे को ऊपर लटका दिया। 

जब मेरी बहन ताला खोलने गई, तो उसकी पत्नी ने चाभी छीन ली और मोहल्ले में चिल्लाने लगी- ‘देखो ये हमारे घर की तलाशी लेने आई हैं।’ उसने क्या किया, पता नहीं, लेकिन फोन की लोकेशन लखनऊ दिखा रही थी। पूरा परिवार लखनऊ में उसे ढूंढता रहा, जबकि फोन उसकी जेब में ही था। मेरे बच्चे को मार दिया उसने। 70 साल के पिता भगवती प्रसाद बोले, बेटा और बहू में तकरार हुई थी। उसने मोबाइल फेंक दिया था। तीन दिन से मेरा बेटा नहीं मिल रहा था। कल शाम पता चला। घर पर ताला लगाकर मेरी बहू कहीं चली गई थी। मैं रात भर घर के बाहर बैठा रहा। अगले दिन उसने फोन उठाया तो बोली-थाने जाओ। उसने खुद गुमशुदगी दर्ज कराई। हमने दो दिन से खाना तक नहीं खाया। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक अंकुर पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी में था। उसने कुछ साल पहले सर्राफा और कपड़े का कारोबार शुरू किया था, लेकिन घाटे और बढ़ते कर्ज से परेशान रहता था। परिवार का कहना है कि पत्नी के शौक और खर्चों के चलते उस पर आर्थिक दबाव बढ़ गया था। उधर, भमौरा थानाध्यक्ष सन्नी चौधरी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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