तिगरी गंगा मेला : कार्तिक पूर्णिमा पर 40 लाख श्रद्धालुओं ने किया गंगा में स्नान

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Edited By Amrit Vichar
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गजरौला, अमृत विचार। कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने तिगरी गंगा धाम और ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासनिक अनुमान के मुताबिक करीब 40 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। इस दौरान गंगा घाट श्रद्धालुओं से भरे रहे। आसपास के दूसरे जिलों और राज्यों से भी यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर हर-हर गंगे के जयकारे लगाए।

सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार और समाज में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरीधाम और ब्रजघाट में लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। श्रद्धालुओं ने मंगलवार की देर रात से ही तिगरी और ब्रजघाट पंहुचना शुरू कर दिया था। श्रद्धालुओं ने बुधवार को तड़के से हर-हर गंगे के जयकारों के साथ स्नान करना शुरू किया। दिन निकलने से पहले ही गंगा घाट श्रद्धालुओं से भर गए। पांव रखने तक की जगह नहीं रही। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों व प्रदेश के अन्य जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज में सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। 

देवी मंदिरों में देवी-देवताओं के दर्शन कर बेसहारा लोगों को भोजन कराया। बहुत से श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे अनुष्ठान भी करवाए। प्रशासन ने कार्तिक पूर्णिमा पर लगभग 40 लाख श्रद्धालुओं के गंगा स्नान करने का अनुमान जताया है। वहीं बृजघाट में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया।कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाटों के किनारे युवाओं ने जमकर मस्ती की। गंगा स्नान करने के बाद युवा घाटों के किनारे रेत पर बैठ गए। वहां खूब मस्ती करने के बाद फिर से स्नान किया। वहीं बहुत से युवाओं ने गंगा घाट के किनारे कबड्डी और वालीबॉल खेली। पानी में मीनार भी बनाई।

स्नान के बाद हुए धार्मिक अनुष्ठान
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरीधाम पर स्नान के साथ ही धार्मिक अनुष्ठान हुए। सुबह में मेले पहुंचे श्रद्धालुओं ने छोटे बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। इसके बाद हवन में आहुति देकर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की गई। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक शिविरों में हवन का आयोजन किया गया।

मीना बाजार चमका, दुकानों पर रही भीड़
तिगरी गंगा किनारे कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़े श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद मेले में जमकर खरीददारी की जिसका दृश्य मेले के सदर चौक पर भी देखने को मिला। यहां भीड़ ही भीड़ दिखाई दी। कोई समासे-टिक्की की चाट करते हुए नजर आया तो कोई सोफ्टी का आनंद ले रहा था। पकौड़ी, जलेबी, हलुवा-पराठा और चाऊमीन की दुकानों पर भी बेहिसाब भीड़ देखने को मिली। मीना बाजार भी चमक रहा था। महिलाओं की भीड़ दुकानों पर लगी रही।
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हर ओर महक रही थी खिचड़ी की सुगंध

गंगा तट पर बसे तंबुओं के शहर में खिचड़ी की महक दूर तक महसूस हो रही थी। कार्तिक पूर्णिमा में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने काली दाल व चावल का दान किया। इसके बाद अपने-अपने तंबुओं में खिचड़ी बनाई। खिचड़ी को गंगा मैया का प्रसाद माना जाता है। स्थिति ये थी कि तंबुओं में रहने वाले परिवार के सदस्यों के साथ साथ आने जाने वाले मेहमानों की थाली में भी खिचड़ी परोसी जा रही थी। आम, मिर्च के आचार व देसी घी के साथ खिचड़ी का स्वाद और बढ़ा रहा था।


भाकियू पदाधिकारियों ने की गंगा घाट पर सफाई
गजरौला, अमृत विचार: भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान व गुरु नानक देव जी के 556वें जन्मदिवस पर श्रद्धालुओं को खिचड़ी वितरण कर गंगा घाट पर सफाई अभियान चलाया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी, राष्ट्रीय सचिव चौधरी चंद्रपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह, मुख्य सचिव अरुण सिद्धू, जिला संरक्षक चौधरी चरण सिंह, मीडिया प्रभारी हिमांशु वर्मा, सोनू कुमार, मिथुन सिंह, हितेश कुमार आदि किसान लोग मौजूद रहे।


मेले में सिमटने लगे डेरे, लौटने लगे श्रद्धालु

बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं के वापस लौटने के सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने सूर्याेदय होने से पहले ही गंगा में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान कराए। इसके बाद मेले में मिठाइयां, चाट-पकौड़ी खरीद कर डेरे समेट घर लौटने का सिलसिला शुरू कर दिया। इसके चलते तिगरी से लेकर कांकाठेर तक वाहनों का रेंग-रेंग कर चलने का सिलसिला जारी रहा। बुधवार को मुख्य स्नान के साथ ही तिगरी मेला संपन्न हो गया। कार्तिक पूर्णिमा पर भोर होते ही लाखों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयघोष के साथ गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। धार्मिक अनुष्ठान कराए। मेले में चाट पकौड़ी और घर के लिए सामान की खरीदारी की। इसके बाद झूलों, मौत का कुआं आदि का लुत्फ उठाने के बाद घर लौटने का सिलसिला शुरू हो गया। एकाएक गंगा की रेती में गाढ़े गए तंबुओं को उखाड़ना शुरू कर दिया। घर से लाए जरूरी सामान को समेटना वापस लौटने लगे। मेले में दूसरे जनपदों और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने अधिकांश सामान को रात में ही पैक कर लिया था। दस दिन तक तंबुओं की नगरी में रहने वाले श्रद्धालु आ अब लौट चलें... के अंदाज में अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों, भैंसा बुग्गी, कार आदि वाहनों से अपने गंतव्य की ओर लौटने शुरू कर दिया। दिनभर श्रद्धालुओं का वापस लौटने का सिलसिला चलता रहा।

श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रालियों से लगा जाम

कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान के बाद श्रद्धालु अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से लौट रहे हैं। इसका असर बुधवार को गजरौला में सड़क यातायात पर दिखा। ट्रैक्टर-ट्रालियों की संख्या ज्यादा होने पर शहर में चौतरफा जाम लग गया। हालात बेकाबू हो गए। खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। घंटों जाम में फंसे रहे। पुलिस दिनभर जाम खुलवाने की कोशिश करती रही लेकिन भीड़ के सामने बेबस दिखी। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने के लिए तिगरी गंगा मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। जिसके बाद श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान कर गजरौला से होकर गुजर रहे हैं। इसकी वजह से बुधवार को शहर में जाम लग गया। चौपला की तरफ से श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्राली इंदिरा चौक पहुंचे। वहीं इंदिरा चौक से होते हुए भारी संख्या में ट्रैक्टर-ट्राली भानपुर फाटक पर पहुंचे। वहीं इंदिरा चौक से जाने वाले श्रद्धालु भी अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों को लेकर खाद गुर्जर चौराहेपर पहुंचे जिसके चलते वहां चौतरफा जाम लग गया। तभी ट्रेन पास करवाने के लिए फाजलपुर फाटक बंद हो गया। कुछ ही देर में बदायूं-बिजनौर स्टेट हाईवे पर कई किमी लंबा जाम लग गया। उधर कांकाठेर मार्ग पर ट्रेक्टर ट्रालियों का जाम लग गया। पुलिस जाम खुलवाने के लिए दिनभर जूझती रही लेकिन सफलता नहीं मिली। जाम बेकाबू हो गया और लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि वाहनों की संख्या ज्यादा होने पर जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए काफी प्रयास किए।

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