बरेली कॉलेज में पहुंचा कोरोना, ललित कला विभागाध्यक्ष हुईं संक्रमित

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली,अमृत विचार। बरेली कॉलेज में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। शासन के आदेश पर कॉलेज खुलने के बाद कोरोना संक्रमित का यह पहला मामला आया है। ललित कला विभागाध्यक्ष कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। विभागाध्यक्ष के कोरोना संक्रमित होने के बाद प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने विभाग में ताला डाल दिया है। मंगलवार …

बरेली,अमृत विचार। बरेली कॉलेज में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। शासन के आदेश पर कॉलेज खुलने के बाद कोरोना संक्रमित का यह पहला मामला आया है। ललित कला विभागाध्यक्ष कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। विभागाध्यक्ष के कोरोना संक्रमित होने के बाद प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने विभाग में ताला डाल दिया है।

मंगलवार को विभाग का ताला खोलकर सभी कक्षाओं व दफ्तरों का सैनेटाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद ही किसी को प्रवेश दिया जाएगा। कॉलेज में संक्रमित आने के बाद अन्य विभागों में खलबली मच गई है। प्राचार्य ने विभागाध्यक्ष के संपर्क में आने वाले सभी शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों को अपनी कोरोना जांच कराने के लिए कहा है।

जानकारी के मुताबिक विभागाध्यक्ष शुक्रवार को कॉलेज में आयी थीं। इससे पहले तक वह कॉलेज में आ रही थीं। उन्होंने एमए अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के प्रवेश लिए हैं। इसके अलावा अन्य शिक्षक व कर्मचारी भी उनके संपर्क में आए हैं। उन्होंने कक्षाएं ली होंगी तो कई छात्र भी उनके संपर्क में आए होंगे। उनके विभाग के कर्मचारियों के संपर्क में दूसरे विभाग के कर्मचारी भी आए होंगे। ऐसे में उन सभी लोगों की भी जांच जरूरी है। प्राचार्य डा. अनुराग मोहन को जैसे ही ललित कला विभागाध्यक्ष के कोरोना संक्रमित होने की खबर मिली तो उन्होंने तुरंत विभाग में ताला लगा दिया। दो कर्मचारियों की मौत की वजह से कॉलेज में भी छुट्टी कर दी गई।

प्राचार्य ने बताया कि नियमों के तहत 72 घंटे बाद विभाग को खोलकर सैनेटाइजेशन कराया जाएगा। मंगलवार को किस तरह से कक्षाएं संचालित करनी हैं, इसको लेकर विचार किया जाएगा। कोरोना नियमों को लेकर भी सख्ती की जाएगी। बरेली कॉलेज के इससे पहले कुछ कर्मचारी और उनके परिवार संक्रमित हो चुके हैं लेकिन उस दौरान कॉलेज कोरोना की वजह से बंद चल रहा था। बरेली कॉलेज के एक शिक्षक के पास में भी दो परिवार कोरोना संक्रमित हुए हैं, जिसकी वजह से भी वह सभी से दूरी बनाकर चल रहे हैं।

शासन के आदेश पर 24 दिसंबर से बरेली कॉलेज में कक्षाएं संचालित हुई हैं। इससे पहले सिर्फ प्रवेश प्रक्रिया के तहत ही विद्यार्थी बुलाए जा रहे थे। शुरुआत से ही कॉलेज में कोरोना नियमों का पालन नहीं हो रहा था। पहले तो कॉलेज प्रशासन ने संकाय के हिसाब से कक्षाएं संचालित करायीं लेकिन उसके बाद से ऑड-ईवन फार्मूले से छात्रों को बुलाया गया। लेकिन दोनों तरह के प्रयास के बावजूद भी न तो सामाजिक दूरी का पालन हो सका और न ही छात्रों ने मास्क लगाया। प्रवेश और आईकार्ड बंटने के दौरान भी कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। प्राचार्य दफ्तर के बाहर ही छात्रवृत्ति काउंटर के अलावा अन्य काउंटर पर भी छात्रों की भीड़ इकट्ठा हो रही है, लेकिन कोई भी इंतजाम नहीं किए गए।

एक सप्ताह पहले क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डा. राजेश प्रकाश ने भी कॉलेज का निरीक्षण किया था तो उन्हें भी कई खामियां मिली थीं और उन्होंने भी कोरोना नियमों के पालन के सख्त निर्देश दिए थे। ऐसे में अब एक विभागाध्यक्ष के संक्रमित होने के बाद विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य विभाग के कर्मचारी भी टेंशन में आ गए हैं। कुछ दिनों बाद कॉलेज में लॉ की परीक्षाएं भी होनी हैं और साथ में कक्षाएं भी संचालित होंगी। इसकी वजह से काफी संख्या में छात्र पहुंचेंगे। इस दौरान कोरोना नियमों का पालन करना बड़ी चुनौती होगा। चीफ प्रॉक्टर वंदना शर्मा ने बताया कि कोरोना नियमों का पालन करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। छात्रों को लगातार मास्क लगाने और दूरी बनाने के लिए टोका भी जा रहा है।

विश्वविद्यालय में मास्क न लगाने पर लगेगा जुर्माना
विश्वविद्यालय में सोमवार से कई विभागों में कक्षाएं संचालित हो गई हैं। इसकी वजह से परिसर में काफी संख्या में छात्र नजर आए। विश्वविद्यालय में कोरोना के बचाव के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को चीफ प्रॉक्टर जेएन मौर्या ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सभी सदस्यों को संबंधित विभागों में जाकर निगरानी के निर्देश दिए हैं। चीफ प्रॉक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जो भी छात्र, कर्मचारी या अन्य बिना मास्क के परिसर में दिखे तो उनपर 500 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसको लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की एक बैठक भी की जाएगी। बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि कितना जुर्माना लगाया जाए। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित बैंक में भी रोजाना भीड़ लग रही है। सोमवार को भी बैंक के बाहर छात्रों की लंबी लाइन डिमांड ड्राफ्ट बनवाने के लिए लगी थी लेकिन उनके बीच में कोई भी दूरी नहीं थी। कई छात्रों ने मास्क भी नहीं लगा रखा था।

विश्वविद्यालय परिसर में बैंक के बाहर लगी छात्रों की भीड़

संबंधित समाचार