बरेली: सेटेलाइट ओवरब्रिज में बाधा बनी हाईटेंशन लाइन, ऊर्जा मंत्री हुए सख्त

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। सेटेलाइट ओवरब्रिज निर्माण में बाधा बनी बिजली की हाईटेंशन लाइन की वजह से ओवरब्रिज में रोड़ा बने बिजली के पोल और तार शिफ्टिंग में देरी होने के मामले में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के कार्यालय की ओर से सांसद धर्मेन्द्र कश्यप के मीडिया प्रभारी राहुल कश्यप से रिपोर्ट मांग ली है। इससे …

अमृत विचार, बरेली। सेटेलाइट ओवरब्रिज निर्माण में बाधा बनी बिजली की हाईटेंशन लाइन की वजह से ओवरब्रिज में रोड़ा बने बिजली के पोल और तार शिफ्टिंग में देरी होने के मामले में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के कार्यालय की ओर से सांसद धर्मेन्द्र कश्यप के मीडिया प्रभारी राहुल कश्यप से रिपोर्ट मांग ली है। इससे बिजली अफसरों में हड़कंप मच गया है।

मीडिया प्रभारी राहुल कश्यप के मुताबिक ऊर्जा मंत्री कार्यालय से ओवरब्रिज के ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइन की शिफ्टिंग में लापरवाही की जांच के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि सेटेलाइट बिजली पोल शिफ्टिंग के कार्य में तेजी आएगी। शासन ने वर्ष 2018 में सेटेलाइट तिराहे पर करीब 597 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण की मंजूरी दी थी। इसके बनने से लखनऊ से शहर आने वाले यातायात को सुगमता होगी। इसके निर्माण के लिए 26.78 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया गया। सेतु निगम ने तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर दिसंबर 2018 से पुल का निर्माण शुरू कराया।

अक्टूबर 2020 तक पुल का निर्माण पूरा करने का समय निर्धारित किया गया था। पुल निर्माण में शुरू से ही अड़चनें पड़ती रही। शुरुआत में वन विभाग की आपत्ति के कारण काम रोका गया था। बिजली के पोल हटाने को विद्युत निगम के लिए भुगतान भी हो चुका है। अब पुल के ऊपर से गुजर रही 132 केवी हाईटेंशन लाइन के तार सेटेलाइट ओवरब्रिज निर्माण में बाधा बनने से काम की रफ्तार हल्की है। वहीं, ट्रांसमिशन विभाग ने 5.85 करोड़ रुपये का एस्टीमेट सेतु निगम को दिया था। सेतु ट्रांसमिशन विभाग को धनराशि हस्तांतरित कर दी है। ऊर्जा मंत्री कार्यालय से रिपोर्ट मांगने के बाद बिजली अफसरों में हड़कंप मंच गया। अब एचटी लाइन के शिफ्ट होने के उम्मीद बढ़ गई है, जिसके लिए ट्रांसमिशन विभाग लग गया है। सेतु निगम ने पुल के दोनों ओर का भाग पूरा कर दिया है। सभी पिलर बन चुके हैं, बीच की छतों का निर्माण ही बचा है। नीचे सर्विस रोड बना दी गई है।

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