Delhi Blast: भाई को यकीन नहीं आतंकी गतिविधियों में शामिल है शाहीन, Ex-husband ने कहा, विवाहित जीवन में कभी बुर्का नहीं पहना
लखनऊ/कानपुर। लाल किला विस्फोट मामले में गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन शाहिद के बड़े भाई को यकीन नहीं कि उनकी बहन बहन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि परिवार को अब भी यह यकीन नहीं हो रहा है कि वह किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल रही होगी। पूर्व पति ने कहा कि उसने विवाहित जीवन में कभी बुर्का नहीं पहना, हां बच्चों के लिए एक प्यारी और देखभाल करने वाली मां थी। बेहतर जीवन की चाहत में वह विदेश जाना चाहती थी।
यूपी पुलिस और एटीएस ने की जांच जारी है। कानपुर में भी तलाश और पूछताछ की गई। जहां शाहीन कभी रहती थी और शादी के बाद काम करती थी। दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट के दो दिन बाद लखनऊ में शाहीन के भाई मोहम्मद शोएब ने कहा कि आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और पुलिस के अधिकारी उनके घर आए थे, हालांकि, उन्होंने परिवार के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया।
शोएब ने कहा कि उन्होंने घर की तलाशी ली और सामान्य तरीके से सवाल पूछे। न तो मेरे पिता और न ही मेरे साथ कोई बुरा व्यवहार किया गया। हमें कुछ भी कहने के लिए कोई दबाव या ज़बरदस्ती नहीं की गयी। उन्होंने सिर्फ़ यह पूछा कि मेरी बहन ने हमसे कब मिलना बंद कर दिया। शोएब ने बताया कि पिछले चार सालों से वह और उसकी बहन एक-दूसरे के संपर्क में नहीं थे।
हमारी आखिरी बार बात हुए चार साल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता कभी-कभार उसका हालचाल पूछते थे। शोएब कि क्या वह कभी लखनऊ में आईआईएम रोड के पास उनके घर गए हैं, तो शोएब ने बताया कि आईआईएम रोड पर कहीं उसका एक घर है, लेकिन मुझे सही जगह भी नहीं पता।
उधर कानपुर पुलिस की अपराध शाखा ने डॉक्टर शाहीन के पूर्व पति डॉक्टर जफर हयात से बुधवार को पूछताछ की। इस बीच, उसके पूर्व पति डॉ. जफर हयात ने बुधवार को बताया कि उन्हें कल शाम ही इस मामले में उसकी संलिप्तता के बारे में पता चला। हयात ने कहा कि उनकी और शाहीन की शादी नवंबर 2003 में हुई थी और दोनों ने अलग-अलग मेडिकल की पढ़ाई की थी, और वह शाहीन के सीनियर थे।
उन्होंने कहा कि हमारा तलाक वर्ष 2012 के अंत में हुआ था। मुझे नहीं पता कि उसके दिमाग में क्या चल रहा था जिसके कारण यह हुआ। हमारे बीच कभी कोई विवाद या झगड़ा नहीं हुआ। वह एक प्यार करने वाली और खयाल रखने वाली इंसान थी। उन्होंने कहा कि तलाक के बाद से उनके बीच कोई संपर्क नहीं रहा। हयात ने कहा कि मुझे कभी अंदाज़ा नहीं था कि वह ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकती है।
वह अपने परिवार और बच्चों से बहुत जुड़ी हुई थी, उनसे बेहद प्यार करती थी और उनकी पढ़ाई का ध्यान भी रखती थी। अपराध शाखा के साथ स्थानीय पुलिस ने रिकॉर्ड एकत्रित करने और शाहीन से जुड़े लोगों से पूछताछ करने के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक मेडिकल कॉलेज का दौरा किया।
इसी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर शाहीन ने पूर्व में काम किया था। लाल ने कानपुर में गिरफ्तारी की अफवाहों को खारिज किया और कहा कि अभी तक इस मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है और सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें निराधार हैं।
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