बरेली: छात्राएं आगे बढ़ रहीं लेकिन छात्र पीछे, इसमें हो संतुलन
टॉपर्स में छात्राओं की संख्या अधिक होने पर राज्यपाल ने खुशी के साथ जताई चिंता
बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि छात्र-छात्राएं शिक्षा और अनुसंधान में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। छात्रों से ज्यादा छात्राएं टॉपर्स हैं। इस साल अब तक वह 36 दीक्षांत समारोह में गई हैं, सभी में यही स्थिति रही। छात्र पीछे हैं, ऐसे में संतुलन जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सीखना केवल शिक्षा तक नहीं है, बल्कि इसे आगे तक ले जाना है। सपने वे नहीं जो नींद में आते हैं, बल्कि वो हैं जो नींद आने ही नहीं देते हैं। बड़ा सोचिए और अपने कर्म को अपना धर्म बनाइए। सभी छात्र आगे बढ़ें और देश को आगे बढ़ाएं। विश्वविद्यालय को अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करें।
उन्होंने कहा कि हम छोटी-छोटी बातों पर लड़ते हैं, दहेज के लिए मारामारी करते हैं। एक दूसरे का खून करते हैं। ऐसे में शिक्षा का कोई अर्थ नहीं। कोई भी ताकत हमारे सामने न खड़ी हो। उन्होंने कहा कि आनंद मठ पुस्तक पढ़नी चाहिए कि किस तरह आजादी की जंग में क्या-क्या सहा है। उन्होंने कहा कि अपना काम सभी को खुद करना चाहिए। विश्वविद्यालय की सफाई क्या हम खुद नहीं कर सकते हैं, बाहरी बुलाने की क्या जरूरत है। बिना परिश्रम कुछ नहीं होता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले के कुलपति आते ही नहीं थे, अब आते हैं और अवार्ड मिल रहे हैं। उन्होंने विकसित भारत विषय पर भाषण देने वाले पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटौआ के छात्र निखिलेश और उनके शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि निखिलेश के पिता मिस्त्री हैं। ऐसे में बच्चा कहां जन्मा है, यह न देखें बल्कि उसकी गुणवत्ता देखें।
पहले के प्रधानमंत्री और अधिकारी सिर्फ फाइलें घुमाते रहे
उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है, अगर उस तरह से पूर्व के प्रधानमंत्रियों और अधिकारियों ने काम किया होता तो भारत दुनिया में सबसे आगे होता। पूर्व के प्रधानमंत्रियों ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल ही नहीं किया और सिर्फ फाइलें घुमाते रहे। उन्होंने कहा कि अधिकारी हां और जनप्रतिनिधि न बोलना सीख लें तो सब सही हो जाएगा। सरकार बजट देती है, ऐसे कौन से विभाग हैं जिन्होंने 100 प्रतिशत बजट खर्च किया हो। एक मेडिकल कॉलेज का भवन बन जाता है तो उसके बाद फर्नीचर का टेंडर करते हैं और इसके बाद स्टाफ और डॉक्टर का टेंडर निकालते हैं। यह सब एक साथ कर सकते हैं लेकिन नहीं करते हैं। इससे पढ़ाई बर्बाद होती है। कोई भी छात्र अधिकारी बने तो अपना नहीं बल्कि जनता का हित देखे। उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल की एक सौ पचासवीं जयंती पर राष्ट्र को एकीकृत करने के उनके अथक प्रयास की सराहना की। उन्होंने विवेकानंद के उच्च आदर्शों को अपने जीवन में उतारने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया।
नहीं होगा बैक पेपर, अब परीक्षा में सौ फीसदी उपस्थिति जरूरी
-राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में कुलपति को दिए सख्त निर्देश
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत समारोह में बैक परीक्षा पर पैसों की बर्बादी पर सख्ती से कहा कि परीक्षा में सौ फीसदी उपस्थित होनी चाहिए। बैक पेपर न कराएं। इसमें पैसे और समय दोनों बर्बाद होते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को समझाएं। परीक्षा न देने वाले छात्र अपने माता-पिता का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कुलपति से पूछा कि परीक्षा कब से हो रही हैं, लेकिन कुलपति महामहिम का सवाल सुन नहीं सके। इस पर राज्यपाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि क्या सो रहे हो। इस पर कुलपति बोले कि परीक्षा 5 दिसंबर से हो रही है। उन्होंने कहा कि बेटियां आगे बढ़ रही हैं। वे अंतरिक्ष तक जाएं। उन्होंने कहा कि अब भारत तकनीक का निर्माता बन रहा है। आने वाले दिनों में भारत ग्लोबल समिट की मेजबानी करेगा। उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय भारत को विकसित देश बनाने में अपना प्रयास करें।
आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों के बाल बनाएं
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जो किट दी गई है, उसका इस्तेमाल जरूर करें। इसमें कंघा, नेल कटर, आईना भी है। अगर बच्चा बिना बाल बनाकर आए तो उसके बाल बनाकर आईना दिखाएं और कहें कि कैसे दिख रहे हो बच्चे। अगर उसे खेलते समय चोट लगे तो तुरंत इलाज दें। अगर नाखून बड़े हैं तो उन्हें काटें।
स्वर्ण जयंती द्वार और स्टेडियम का किया उद्घाटन
दीक्षांत समारोह से पहले राज्यपाल ने एमबीए में एसबी सभागार का उद्घाटन किया। बालिका गृह में आवासित 9 से 14 वर्ष के आयु वर्ग के बालिकाओं के लिए निशुल्क एचपीवी वैक्सीन कार्यक्रम हुआ। दीक्षांत कार्यक्रम में राज्यपाल ने स्वर्ण जयंती द्वार, योग वाटिका, बहुउद्देशीय स्पोर्ट्स स्टेडियम आदि का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी और कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह उपस्थित रहे। समारोह में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, डीएम अविनाश सिंह, बदायूं डीएम अवनीश कुमार राय, सीडीओ देवयानी व अन्य जनप्रतिनिधि व शिक्षक मौजूद रहे।
बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को अच्छे कार्य के लिए पुरस्कृत किया और प्राथमिक स्कूलों के लिए पुस्तकों का विमोचन किया। उन्होंने वंदे मातरम् के एक सौ पचास वर्ष पूर्ण होने पर शैक्षणिक संस्थाओं में इसके गायन के लिए प्रोत्साहित किया है। प्राथमिक स्कूल पंडित दीनानाथ मिश्र की छात्राओं ने पर्यावरण नृत्य प्रस्तुत किया, इस पर राज्यपाल ने उन्हें पुरस्कार दिए।
