यूपी में बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव: नई वर्टिकल सिस्टम व्यवस्था लागू, अंतिम चरण में तैयारियां 

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी में बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 15 नवंबर से नई वर्टिकल सिस्टम व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके तहत अब एक-एक कार्य की पूरी जिम्मेदारी एक अभियंता पर होगी। इस नई व्यवस्था में बाबू से लेकर अधिशासी अभियंता तक की तैनाती पूरी कर ली गई है, लेकिन जिन अधीक्षण अभियंताओं पर इस वर्टिकल सिस्टम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी, उनकी तैनाती गुरुवार तक जारी नहीं हो सकी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में जो अधीक्षण अभियंता जिस जोन में कार्यरत हैं, उन्हें ही फिलहाल उसी जोन में वर्टिकल सिस्टम की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है।

नई व्यवस्था में उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन देने से लेकर निर्बाध बिजली आपूर्ति को सुनिश्चित करने तक की जिम्मेदारी दो अधीक्षण अभियंताओं पर होगी एक अधीक्षण अभियंता वाणिज्य और दूसरा अधीक्षण अभियंता तकनीकी के अधिकारियों के अधीन उपभोक्ता सेवाओं से जुड़ा सारा काम होगा। इस कार्य में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, तकनीकी कर्मचारी और बाबू वर्ग का सहयोग रहेगा।

वहीं जहां प्रबंधन ने सभी अभियंताओं और कर्मियों की तैनाती तो पूरी कर ली है, लेकिन अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और गोमतीनगर जोन में वर्टिकल सिस्टम के अधीक्षण अभियंताओं की तैनाती अभी भी लंबित है। इस वजह से 15 नवंबर से लागू होने वाली व्यवस्था को लेकर अधिकारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही वर्टिकल सिस्टम लागू होने से पहले राजधानी में मुख्य अभियंताओं की भी नई तैनाती की तैयारी है। नई व्यवस्था के बाद आम उपभोक्ता अब मुख्य अभियंता को भी वर्टिकल के नाम से जानेंगे।

वर्तमान में राजधानी के चार प्रमुख जोनों में यह मुख्य अभियंता कार्यरत हैं

महफूज आलम — अमौसी जोन

रवि कुमार अग्रवाल — लखनऊ मध्य जोन

वीपी सिंह — जानकीपुरम जोन

सुशील गर्ग — गोमतीनगर जोन

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