बरेली : आईएमसी नेता ने कोर्ट को गुमराह कर ली जमानत

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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भाजपा नेता शारिक अब्बासी और पत्नी ने जताया जान का खतरा, जांच शुरू

बरेली, अमृत विचार। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के इशारे पर 26 सितंबर को शहर में पुलिस पर पथराव और फायरिंग के मामले में आरोपी आईएमसी के युवा जिलाध्यक्ष साजिद सकलैनी ने कोर्ट को गुमराह करते हुए मृत व्यक्ति के नाम पर जमानत ले ली। भाजपा नेता शारिक अब्बासी ने साजिद सकलैनी के खिलाफ उनके और पत्नी के साथ मारपीट कर गर्भपात कराने का आरोप लगते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब कोर्ट ने इस नए मामले में गंभीरता दिखाते हुए संज्ञान ले लिया है और कोतवाली पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

बारादरी थाना क्षेत्र के पुराना शहर चक महमूद निवासी भाजपा नेता शारिक अब्बासी ने बताया कि उनकी पत्नी फिजा भाजपा से पार्षद का चुनाव लड़ चुकी हैं। इसी रंजिश में आईएमसी नेता साजिद सकलैनी ने उनसे रंजिश मानते हैं। आरोप है कि साजिद ने उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की और विरोध करने पर 2023 में साथियों के साथ मिलकर शारिक और उनकी पत्नी को बेरहमी से पीटा। इस हमले के बाद उनकी पत्नी का गर्भपात हो गया। इस मामले में बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसकी चार्जशीट पुलिस ने कोर्ट में दाखिल कर दी थी। आरोप है कि मुकदमे की कार्रवाई के दौरान आरोपी साजिद सकलैनी को जमानत लेनी थी, लेकिन आरोपी पक्ष ने जमानत के लिए जिस व्यक्ति का नाम और दस्तावेज लगाए। वह व्यक्ति पहले ही मर चुका था। जमानती अनीस अहमद का निधन 27 जून 2023 को हो चुका है। उनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी नगर निगम बरेली से जारी हुआ है। इसके बावजूद, 23 अक्टूबर 2025 को अनीस अहमद के नाम से जमानतनामा कोर्ट में दाखिल कर दिया गया और उसी आधार पर जमानत स्वीकार कर ली गई। शारिक अब्बासी ने इस पूरे मामले को लेकर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। अदालत ने अब मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान लिया है और थाना कोतवाली पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। शारिक अब्बासी ने कहा इस मामले की शिकायत कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक की गई है, लेकिन अभी तक साजिद सकलैनी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे उन पर और उनके परिवार के लोगों को जान का भी खतरा बना हुआ है।

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