अवध विश्वविद्यालयः मानकों के अनुरूप प्रमाणित दस्तावेज करें तैयार, बोले कुलपति- नैक मूल्यांकन के छह मापदंडों पर खरा उतरने की चुनौती
अयोध्या, अमृत विचार: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पूरी तरह जुट गया है। विश्वविद्यालय के कौटिल्य सभागार में कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह ने खुद इसकी कमान संभालते हुए शनिवार को समीक्षा बैठक में सभी टीमों को मानकों के अनुरूप प्रमाणित दस्तावेज तैयार करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में नैक के सात प्रमुख मानदंडों पर विस्तृत चर्चा हुई। गत वर्ष डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय नैक मूल्यांकन में पीछे रह गया था।
कुलपति ने सभी शैक्षिक गतिविधियों को बिंदुवार प्रेजेंटेशन में प्रस्तुत करने का आदेश दिया। विशेष रूप से एट्रीब्यूट 6 (गवर्नेंस, लीडरशिप एंड मैनेजमेंट) पर फोकस करते हुए उन्होंने स्टूडेंट्स काउंसलिंग, मेडिटेशन प्रोग्राम, स्टूडेंट्स मॉनिटरिंग सिस्टम, ट्रेनिंग फैसिलिटी और साइकोलॉजिकल सपोर्ट जैसे मानदंडों की गहन समीक्षा की। कमियों को चिह्नित कर तत्काल सुधार के लिए टीमों को निर्देशित किया गया। इसके अलावा, कम्युनिटी एक्टिविटीज और सामाजिक जागरूकता अभियानों को मजबूत करने पर बल दिया गया। कुलपति ने कहा विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाने वाली गतिविधियां नैक स्कोर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने एनएसएस, एनसीसी और अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों के दस्तावेजीकरण को प्राथमिकता देने को कहा।
बैठक में दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। सभी टीमों को टीम भावना से कार्य करने, आवश्यक प्रपत्र तैयार करने, सॉफ्ट कॉपी में सुरक्षित रखने और हार्ड कॉपी फाइलें बनाए रखने के निर्देश मिले। कुलपति ने नैक की आधिकारिक टर्मिनोलॉजी का सख्ती से पालन करने को अनिवार्य बताया, ताकि प्रेजेंटेशन में कोई असंगति न रहे। नैक पीयर टीम की विजिट जल्द होने की संभावना के बीच विश्वविद्यालय पूर्ण रूप से तैयारियों में लगा हुआ है। बैठक में शिक्षकों, अधिकारियों और विभिन्न विभागीय टीमों ने भाग लिया।
