Moradabad: 38 नई दुकानों के निर्माण को लेकर गहराया विवाद, तीन दिन में खाली करने का अल्टीमेटम
मुरादाबाद, अमृत विचार। मंडी समिति मुरादाबाद में 38 नई दुकानों के प्रस्तावित निर्माण को लेकर शनिवार को प्रशासन के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया। निर्माण कार्य शुरू करने के सुझाव के साथ ही मंडी प्रशासन ने संबंधित स्थल पर मौजूद लगभग सौ से अधिक थोक व्यापारियों को तीन दिनों के भीतर दुकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद व्यापारी सकते में आ गए। उन्होंने तत्काल आपात बैठक बुलाकर और मंडी प्रशासन से हटाए जाने वाले दुकानदारों के लिए अलग वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग पर विचार किया।
1980 में लाइनपार में बनाई गई नवीन मंडी समिति में 45 वर्ष के दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। शासन ने इसके लिए भेजे गए प्रस्ताव को मंजूर कर धन आवंटित कर दिया है। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय और डिप्टी डायरेक्टर शिवकुमार राघव, मंडी सचिव संजीव कुमार ने मंडी समिति में दुकानों के निर्माण वाले स्थान निरीक्षण किया। इस दौरान मंडी के आढ़ती भी जुट गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने निर्माण स्थल पर बैठे आढ़तियों को मौखिक रूप से जल्द दुकानें खाली करने के लिए कहा है। वहीं आढ़तियों का कहना है कि वह पिछले 20-25 वर्षों से मंडी में कारोबार कर रहे हैं।
बैठक में कहा कि वे मंडी के विकास के विरोधी नहीं हैं, परंतु 100 से अधिक व्यापारियों को हटाकर सिर्फ 38 दुकानों का निर्माण कराना अनुचित और असंतुलित है। व्यापारियों ने मांग की है कि प्रशासन जब तक प्रभावित व्यापारियों को मंडी परिसर में उचित स्थान उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक निर्माण कार्य स्थगित रखे का हम आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं निकला तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय ने बताया कि जिस स्थान पर निर्माण होना है वहां पर कारोबार कर लोग अनाधिकृत रूप से बैठे हैं। नई दुकानों के निर्माण के लिए निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि अब वहां नई दुकानों का निर्माण कराया जाएगा।
