मुसलमानों के विकास और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्षीय रोडमैप पर चर्चा, प्रो. वसीम अख्तर को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम प्रोफेशनल्स ने की ओर से इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के सहयोग से ऐशबाग ईदगाह में हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में रविवार को समुदाय के विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए 25 वर्षीय रोडमैप पर चर्चा की गई। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. वसीम अख्तर को शिक्षा और सामुदायिक विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफटाइम एचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया।

दूसरे सत्र को मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली, आमिर इदरीसी, प्रो. वसीम अख्तर, एरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अली अब्बास, केरल से मुनव्वर थंगल और पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने संबोधित किया। वक्ताओं ने जोर दिया कि शिक्षा और आर्थिक विकास के मैदान में लगातार मिलकर काम करने से ही सार्थक परिवर्तन संभव है। मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, जस्टिस बीडी नकवी, अकरमुल जब्यार (पुणे), लेफ्टिनेंट जनरल जमीरुद्दीन शाह, लेफ्टिनेंट अहनय ऊली, डॉ. अब्दुल कदीर (कर्नाटक), उवाइस सुरेशवाला (गुजरात) और आयशा महमूद ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने ज़कात और वक्फ की धार्मिक अहमियत बयान की और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा तथा उन्हें उम्मीद पोर्टल पर पंजीकृत करने की अपील की, जिससे पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि अगर जकात को सच्चे मन के साथ दिया जाए और पेशेवर तरीके से व्यवस्थि किया जाए, तो यह गरीबी कम करने और निर्धन और असहाय वर्ग को उठाने में बड़ा योगदान दे सकती है।

महिला सशक्तिकरण सत्र में मुस्लिम महिला सशक्तिकरण, सामाजिक परिवर्तन की छिपी ताकत इस सत्र को शाहीन इस्लाम, सबीहा अहमद, शिरीन सुल्ताना, डॉ. उज्मा मुबश्शिर, डॉ. आफरीन उस्मान, तूबा सिद्दीकी, फरहा सरोश, समीना खान, सुबूही अल्वी, रेहाना आमिर और डॉ. सुम्बुल शकील ने ने संबोधित किया।वक्ताओं ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं समाज निर्माण में केंद्रीय भूमिका रखती हैं और इस्लाम ने उन्हें शिक्षा, व्यापार, संपत्ति, गरिमा और सामाजिक सहभागिता सहित व्यापक अधिकार दिए हैं।

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