UP: आजम-अब्दुल्ला की जेल शिफ्ट को लेकर आज आएगा फैसला

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। दो पैनकार्ड मामले में सोमवार को सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा होने के बाद जिला कारागार भेजा गया। दोनों की पहली रात बेचैनी के साथ कटी। वहीं आजम ने पत्नी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि उनके पति आजम बीमार रहते हैं। जिसके चलते उनको रामपुर जिला कारागार में रहने दिया जाए। ताकि बेटा अब्दुल्ला उनकी देखभाल कर सके। इस मामले में कोर्ट आज फैसला सुनाएगा।

दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में भाजपा के शहर विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 छह साल पहले सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। असत्य एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पैन कार्ड बनवाया गया। उसके बाद उसका उपयोग में भी लाया गया था। एक पैनकार्ड में जन्म तिथि 1 जनवरी 1993 है। दूसरे में जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 दर्ज है। पुलिस ने जांच पूरी करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए थे। 

सोमवार को आजम खां और उनके बेटे को सात-सात साल की सजा के साथ 50 हजार का जुर्माना डाला था। पुलिस कस्टडी में दोनों जिला कारागार में चले गए थे। शाम को जिला प्रशासन ने बंदियों को दिया जाने वाला खाना दाल रोटी, सब्जी दी। दोनों को थोड़ा ही खाना खाया। आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि आजम खां बीमार रहते हैं। उनको रामपुर में जिला कारागार में रखा जाए। उनके बेटे अब्दुल्ला के साथ रखे। ताकि बीमार होने पर बेटा उनकी देखभाल कर सके। इस पर फैसला बुधवार को आएगा।

जिला प्रशासन ने दूसरी जेल में शिफ्ट के लिए शासन को भेजा पत्र
सोमवार को सपा नेता आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में सजा के बाद जिला कारागार में भेजा था। सूत्रों की माने तो जिला कारागार  प्रशासन ने पिता पुत्र को दूसरी कोर्ट में शिफ्ट करने के लिए शासन को पत्र भेजा।जोकि सूत्रों के हवाले से ज्ञात हुआ है। जबकि जेल अधीक्षक राजेश यादव इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं।

आजम के जेल जाते ही मोहल्ले में पसरा सन्नाटा
23 सितंबर यानी 55 दिन के बाद सपा नेता आजम खां को सभी मुकदमों में जमानत मिलने के बाद घर आए थे। जहां उनके घर आने पर मिलने वालों का तांता लगा रहता था। सोमवार शाम को उनके जेल  जाते ही टंकी नंबर पांच घेर मीर बाज खां स्थित घर और मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया है। दो माह तक चली उनके घर पर चहल पहल एक दम सन्नाटे में बदल गई। घर पर अब आजम खां की पत्नी उनका बेटा और बहू रह गए है। अब आजम खां को बेटे सहित जेल से बाहर आने के लिए कानूनी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

बार अध्यक्ष, अदीब सहित तीन लोगों ने की मुलाकात
सोमवार को पिता- पुत्र के जेल जाने के बाद  मंगलवार को आजम खां के बड़े बेटे अदीब आजम खां, उनकी बहन निगहत अखलाक और बार अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू ने अब्दुल्ला आजम खां से मुलाकात की।अदीब आजम ने कुछ सामान पहुंचाया। सतनाम सिंह का कहना है कि बीमार होने के साथ ही बहुत कमजोर भी हो रहे हैं।

अमर सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी में 28 को आएगा फैसला
पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने पूर्व सांसद अमर सिंह और उनके परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। अमर सिंह ने लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने मामला अजीमनगर थाने में स्थानांतरित कर दिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिसकी सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हो रही है। आजम खां के अधिवक्ता विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है। अब 28 नवंबर को फैसला आएगा।

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