मतदेय स्थलों का संभाजन: रैंप, पानी, शौचालय, विद्युत, कुर्सी-मेज की व्यवस्था, जिला निर्वाचन अधिकारी की हुई बैठक
अयोध्या, अमृत विचार: भारत निर्वाचन आयोग से कराए जा रहे पुनरीक्षण के दौरान मतदेय स्थलों का संभाजन भी किया जा रहा है। मतदाताओं की सुविधा के मद्देनजर एक बूथ पर तीन से 12 सौ के बीच मतदाता रखे गए हैं। तीन सौ से कम मतदाता वाले बूथ समाप्त कर दिए गए। एक बूथ पर 12 सौ से ज्यादा मतदाता होने पर दूसरे बूथ बनाए गए।
मतदेय स्थल के संभाजन को लेकर उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने राजनीतिक दल के नेताओं के साथ बैठक कर ली है। बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए 12 सौ से अधिक मतदाता वाले मतदेय स्थलों को विभाजित करके नए मतदेय स्थल बनाए गए हैं।
मतदेय स्थलों का आलेख्य प्रकाशन 10 नवंबर को कर दिया गया है। मतदेय स्थलों की आलेख्य सूचियां डीईओ पोर्टल पर अपलोड कर दी गई हैं। इसे कोई भी देख सकता है। बताया कि प्रयास है कि एक पोलिंग स्टेशन लोकेशन पर मतदेय स्थलों के मध्य यथासंभव सामान्य संख्या में मतदाता रखे गए हैं। कोई भी परिवार न टूटे, यह कोशिश रही है। किसी भी मतदेय स्थल पर तीन सौ से कम मतदाता नहीं है।
साथ ही किसी भी मतदेय स्थल पर 12 सौ से अधिक मतदाता नहीं है। सभी मतदेय स्थलों पर रैंप, पानी, शौचालय, विद्युत, कुर्सी-मेज आदि की व्यवस्था की गई है। कोई भी मतदेय स्थल का भवन अब जर्जर नहीं है। सभी मतदेय स्थल भूतल पर स्थित हैं।
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