गोरखपुरः आरपीएफ के 49वें दीक्षांत समारोह में महिला प्रशिक्षुओं ने ली पद और गोपनीयता की शपथ
गोरखपुर। आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के दीक्षांत और पासिंग आउट परेड में 350 नव नियुक्त महिला प्रशिक्षुओं ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। नव नियुक्त महिला प्रशिक्षुओं की परेड में गजब का अनुशासन और कदमताल ने उपस्थित लोगो का मन मोह लिया। महिला प्रशिक्षुओं ने पूरे दम-खम के साथ मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि …
गोरखपुर। आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के दीक्षांत और पासिंग आउट परेड में 350 नव नियुक्त महिला प्रशिक्षुओं ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। नव नियुक्त महिला प्रशिक्षुओं की परेड में गजब का अनुशासन और कदमताल ने उपस्थित लोगो का मन मोह लिया। महिला प्रशिक्षुओं ने पूरे दम-खम के साथ मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि को सलामी दी। इसके साथ ही उन्होंने अपने जीवन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ लोगों की सुरक्षा और संरक्षा का संकल्प भी लिया।
पूर्वोत्तर रेलवे के आरपीएफ प्रशिक्षण ग्राउंड पर मंगलवार को सुबह 10.30 बजे 49वें दीक्षांत समारोह और नव नियुक्त 350 महिला प्रशिक्षुओं के पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त महिला प्रशिक्षुओं ने पूरे जोश- खरोश के साथ एक साथ कदमताल किया। आठ माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 350 महिला प्रशिक्षुओं को अब रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।
अत्याधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग से लेकर साइबर क्राइम तक की घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ ही ट्रेन और स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा,बम डिस्पोजल, शारीरिक दक्षता का विशेष ध्यान रखने की शपथ इन महिला प्रशिक्षुओं ने ली है। वहीं इनमें से अधिकतर महिला प्रशिक्षुओं को एक माह की स्पेशल कमांडो ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। जिससे ये आरक्षी किसी भी विषम परिस्थिति और आतंकी वारदातों को विफल बनाने के लिए पूर्ण रूप से तैयार रहें।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी ने परेड का निरीक्षण और सलामी ली। उन्होंने नव नियुक्त कांस्टेबल का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि 350 महिला कांस्टेबल रिक्रूट नियुक्त हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन महिला प्रशिक्षुओं को आठ महीने के कठिन प्रशिक्षण के दौरान रेलवे सुरक्षा,अपराध नियंत्रण, मनोविज्ञान,आपदा प्रबंधन, कम्प्यूटर,साइबर क्राइम, शारीरिक दक्षता, विभिन्न हथियारों की ट्रेनिंग, क्राउड कंट्रोल एवं बम डिस्पोजल का प्रशिक्षण कुशल प्रशिक्षकों के द्वारा दिया गया है। जोकि रेलवे सुरक्षा के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
उन्हें पता चला है कि इन महिला प्रशिक्षुओं में उच्च शिक्षा पोस्ट ग्रेजुएट होने के साथ एनसीसी, पीजीडीसीए, एमटेक डिग्रीधारी भी शामिल हैं। इसके अलावा स्पोर्ट्स और अन्य क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर चुके हैं। इन्हें एक माह का कमांडो प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मैं रेलवे के अधिकारियों और उनके माता-पिता के साथ प्रशिक्षकों के लिए राष्ट्र की सेवा में योगदान देने के लिए कृतज्ञता प्रकट करता हूं।
आरपीएफ पूर्वोत्तर रेलवे के महानिरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव ने महिला प्रशिक्षुओं से जनरल सैल्यूट लेने के बाद मुख्य अतिथि का स्वागत किया। महिला प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रशिक्षुओं को इनडोर और आउटडोर ट्रेनिंग होती है। इन्हें योग, शारीरिक दक्षता, रेलवे सुरक्षा, स्पोर्ट्स, अत्याधुनिक हथियार चलाने, लॉ सीआरपीसी और आईपीसी के साथ तकनीक के बारे में जानकारी दी जाती है। हमारे क्लासरूम में स्मार्ट बोर्ड लगाए गए हैं इन्हें आपात स्थिति के साथ साइकोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाती है।
समारोह के दौरान प्रशिक्षण काल के अंतरंग विषय श्रेष्ठ आदिति टूड़डू दक्षिण पूर्व रेलवे, बहिरंग विषयों हेतु श्रेष्ठ प्रियंका उत्तर रेलवे, परेड टू आईसी भूमिका चौधरी उत्तर रेलवे, परेड कमांडर कोमल कुमारी दक्षिण पूर्व रेलवे और बेस्ट कैडेट पुरस्कार प्रेरणा कुमारी दक्षिण पूर्व रेलवे को मुख्य अतिथि पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार त्रिपाठी ने मेडला और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह, सीनियर पीआरओ सीपी चौहान, रेलवे सुरक्षा बल प्रशिक्षण केन्द्र पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के प्रधानाचार्य नरेन्द्र मोहन वशिष्ठ, आरपीएफ पीआरओ पीके सिंह समेत बड़ी संख्या में आरपीएफ के जवान और महिला प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।
