Lucknow News: लेसा लगा रहा बिना चेक मीटर के ही स्मार्ट मीटर, उपभोक्ता परेशान
चेक मीटर के साथ स्मार्ट मीटर लगाने के मध्यांचल एमडी के आदेश की हो रही अनदेखी
लखनऊ, अमृत विचार : शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के दौरान लेसा अधिकारियों की ओर से नियमों और आदेशों की लगातार अनदेखी की जा रही है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निर्देश के अनुसार उपभोक्ता की मांग पर पुराने मीटर के साथ चेक मीटर लगाना अनिवार्य है, ताकि स्मार्ट मीटर की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। मध्यांचल एमडी रिया केजरीवाल भी स्पष्ट रूप से चेक मीटर लगाने का आदेश दे चुकी हैं। इसके बावजूद लेसा कर्मचारी उपभोक्ताओं के घरों पर बिना चेक मीटर लगाए ही स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं।
इस लापरवाही से उपभोक्ताओं को तकनीकी खामियों और मीटर के तेज चलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता उपकेंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। राजधानी के 15 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के पुराने मीटरों को चारों जोनों में तेजी से बदला जा रहा है। वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद हेल्पडेस्क और 1912 पर स्मार्ट मीटर की खामियों की शिकायतें सबसे अधिक दर्ज हो रही हैं।
स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे कर्मचारी जब उपभोक्ताओं की मांग पर चेक मीटर लगाने से इंकार करते हैं तो कई जगह उपभोक्ता अपने घरों और दुकानों में मीटर लगवाने से ही मना कर दे रहे हैं। अमौसी, सेंट्रल, जानकीपुरम और गोमतीनगर जोन के कई इलाकों- सरोजनीनगर, आलमबाग, चौपटिया, तेलीबाग, राजाजीपुरम, चौक, मौलवीगंज, ऐशबाग, अमीनाबाद, अलीगंज, महानगर, निशातगंज, पुरनिया, जानकीपुरम, मड़ियांव, हसनगंज समेत कई क्षेत्रों में मीटर बदलने का काम जारी है।
मध्यांचल एमडी के निर्देश के बाद भी किसी भी स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर न लगाए जाने पर उपभोक्ताओं में रोष बना हुआ है। नियम के अनुसार कम से कम पांच प्रतिशत मीटरों पर चेक मीटर लगाना अनिवार्य है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कई क्षेत्रों का दौरा करने के बाद बताया कि शिकायतों को मध्यांचल निगम के निदेशक कॉमर्शियल और पावर कॉरपोरेशन के एमडी के सामने उठाया गया है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि उपभोक्ता की मांग पर चेक मीटर अनिवार्य रूप से लगाया जाए और इसकी फीस सीधे उपभोक्ता के बिल में जोड़ी जाए, ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े।
