मेरा शहर मेरी प्रेरणा: बरेली में अब अंतर्राष्ट्रीय मानक वाला ट्रैक
बरेली के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए स्पोर्टस स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। ट्रैक का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिस पर 9.34 करोड़ रुपये की लागत आई है।

400 मीटर लंबे इस ट्रैक का निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था। ट्रैक एक विशेष प्रकार का कृत्रिम रूप से निर्मित रनिंग ट्रैक होता है, जिसे एथलीट्स के प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाता है। यह ट्रैक आमतौर पर रबर ग्रेन्यूल्स और पॉलीयुरेथेन की कई परतों से बना होता है, जो इसे लचीला, टिकाऊ और झटकों को अवशोषित करने योग्य बनाता है। यह सतह एथलीट्स को बेहतर ग्रिप, स्थिरता और गति प्रदान करती है, जिससे परफॉर्मेंस में सुधार होता है और चोट का खतरा कम होता है। किसी भी मौसम में उपयोग किया जा सकता है। मिट्टी या घास के ट्रैक की तुलना में अधिक टिकाऊ व सुविधाजनक होता है।

खिलाड़ियों को मिलेंगे ये लाभ
स्पोर्टस स्टेडियम में करीब 400 खिलाड़ी रोजाना प्रैक्टिस करते हैं। इसमें एथलेटिक्स, लॉग जंप, हाई जंप, डिस्कस थ्रो, ट्रिपल जंप, शॉर्टपुट, जैबलिन और हर्डल रेस आदि की प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक बनने से काफी फायदा मिलेगा। वह अपनी प्रैक्टिस राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से करेंगे। साथ ही इनके खेल स्तर में भी सुधार होगा।

सिंथेटिक ट्रैक पर होने वाले गेम्स
एथलेटिक्स, लॉग जंप, हाई जंप, डिस्कस थ्रो, हैमर थ्रो, ट्रिपल जंप, शॉर्टपुट, जैबलिन, हर्डल रेस।स्पोर्टस स्टेडियम बरेली के आरएसओ जितेंद्र यादव ने बताया कि सिंथेटिक ट्रैक जनपद ही नहीं अपितु मंडल में सबसे शानदार होगा। अप्रैल 2025 में ही प्लेयर्स इस पर दौड़ना शुरू कर देंगे। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी करेंगे। खिलाड़ियों के लिए यह ट्रैक सौगात होगी।

डोरी लाल अग्रवाल स्पोर्ट्स स्टेडियम अंतर्राष्ट्रीय खेलों में कर चुका है मेजबानी
खेल स्टेडियम उत्तर प्रदेश के बरेली में स्थित एक बहुउद्देश्यीय स्टेडियम है। इस मैदान का उपयोग मुख्यत फुटबॉल, क्रिकेट, नेटबॉल, हैंडबॉल, बास्केटबॉल और अन्य खेलों के मैचों के आयोजन के लिए किया जाता है। इस स्टेडियम की स्थापना 1960 में हुई थी और इसने भारतीय महिला क्रिकेट टीम और श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम के बीच अंतर्राष्ट्रीय मैचों की मेजबानी भी की है। 2015 में उत्तर प्रदेश सरकार ने पुरुष और महिला खिलाड़ियों दोनों के लिए 400 बिस्तरों वाले एक छात्रावास के निर्माण के साथ-साथ सीढ़ियों के निर्माण के माध्यम से स्टेडियम के कोर को अपग्रेड करने का निर्णय लिया था। अगस्त 2015 में स्टेडियम ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक स्थानीय टी 20 टूर्नामेंट में भारतीय ग्रामीण क्रिकेट लीग की मेजबानी की। स्टेडियम स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट की भी मेजबानी की कर चुका है।
