पंथनिरपेक्षता का कार्य बहुधार्मिक समाज के बीच सामंजस्य बनाये रखना: प्रो. गौड़
बाराबंकी, अमृत विचार। श्री राम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के विधि विभाग द्वारा सेकुलरिज्म इन लाइट ऑफ आर्टिकल 25 के विषय पर एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ संविधानविद प्रो. एसके गौड़ मुख्य वक्ता रहे। प्रो०गौड़ ने भारतीय संविधान के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को पंथनिरपेक्षता के आलोक में छात्रों को बताया।प्रोफ गौड़ …
बाराबंकी, अमृत विचार। श्री राम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के विधि विभाग द्वारा सेकुलरिज्म इन लाइट ऑफ आर्टिकल 25 के विषय पर एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ संविधानविद प्रो. एसके गौड़ मुख्य वक्ता रहे।
प्रो०गौड़ ने भारतीय संविधान के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को पंथनिरपेक्षता के आलोक में छात्रों को बताया।प्रोफ गौड़ ने भारतीय संविधान में वर्णित पंथनिरपेक्षता को यूरोपियन पंथनिरपेक्षता से अलग बताया साथ ही पंथनिरपेक्षता को उस पुल के समान बताया जो भारतीय बहुधार्मिक समाज के बीच सामंजस्य का काम करती है।
प्रोफ. गौड़ ने भारतीय न्यायपालिका द्वारा संमय समय पर पंथनिरपेक्षता के संदर्भ में दिए गये निर्णयों का हवाला देते हुए आज के विषय पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के निदेशक डॉ मोइन अतहर ने आज के विषय की प्रासंगिकता को बताते हुए मुख्य वक्ता का अभिनंदन किया साथ ही पंथनिरपेक्षता को भारतीय सामाजिक बंधुता का प्रतीक बताया।वेबिनार का संचालन डॉ सुशील कुमार सिंह ने किया।कार्यक्रम में डॉ०सुशील कुमार सिंह, डॉ सुधीर अवस्थी, डॉ प्रकाश चंद मिश्र, डॉ राजेश कुमार वर्मा, ऋषि शुक्ला, तुषार मौजूत रहे।
