बदायूं: कस्तूरबा स्कूलों में बनने वाले भोजन की होगी रैंडम जांच
बदायूं, अमृत विचार। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में छात्राओं को दिए जाने वाले भोजन की रैंडम जांच की जाएगी। इसके लिए डीएम ने तहसीलदार के नेतृत्व में जांच समिति गठित करने के आदेश दिए हैं। भोजन संबंधी जांच बा स्कूलों में छात्राओं को गुणवत्ता युक्त भोजन दिया जाना है। जिससे उन्हें पोषक युक्त भोजन मिले। साथ ही मिलावटी खाद्य सामग्री पर रोकथाम की जा सके।
जिले में 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 15 ग्रामीण और 3 शहरी क्षेत्र में संचालित हैं। इन स्कूलों में अध्ययनरत छात्राओं को गुणवत्ता युक्त भोजन न मिलने की शिकायत शासन स्तर पर पहुंच रहीं थी। भोजन बनानें उपयोग की जा रही खाद्य सामग्री भी मानक के अनुरुप उपयोग में नहीं लाई जा रही थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने डीएम को जांच के आदेश जारी कर दिए। राज्य परियोजना से मिले आदेश पर डीएम ने बीएसए को जांच समिति गठित करने के आदेश दिए हैं।
कहा है कि गठित होने वाली जांच समिति कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में रैंडम तरीके से जांच करेगी। जिसकी रिपोर्ट हर माह शासन स्तर पर भेजी जाएगी। जांच समिति तहसीलदार के नेतृत्व में गठित होगी। जिसमें तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, जिला समन्वयक शिक्षा विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग में बा स्कूलों में बनने वाले भोजन की जांच करने के लिए जांच समिति का गठन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सामग्री क्रय संबंधी अभिलेख की जांच करेगी टीम
कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में बनने वाले भोजन की रैंडम तरीके से जांच की जाएगी। स्कूलों में जांच करने के दौरान अधिकारी सैपलिंग किए जाने के दिन भोजन में प्रयुक्त खाद्य सामग्रियों के क्रय संबंधी अभिलेख, साक्ष्य एवं जानकारी भी एकत्रित करेंगे। जिससे सैंपल मानक के अनुरूप न पाए जाने की स्थिति में उचित कार्रवाई की जा सके।
बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में छात्राओं को दिए जाने वाले भोजन की जांच समय समय पर विभाग और प्रशासन द्वारा की जाती रही है। अब भोजन की रैंडम जांच होगी। विद्यालयों में भोजन की जांच करने के लिए संयुक्त जांच समिति गठित की जा रही है।
