बाराबंकी में जातीय भेदभाव और उत्पीड़न का मामला: प्रेम के नाम पर धाेखा, दोस्तों ने किया शोषण, परिवार ने भी मोड़ा मुंह
बाराबंकी, अमृत विचार। थाना क्षेत्र में जातीय भेदभाव, प्रेम-प्रपंच और उत्पीड़न का मामला सामने आया है। एक दलित युवती ठाकुर युवक के प्रेम के बहकावे में ऐसी उलझी कि उसकी पूरी ज़िंदगी ही बिखर गई। प्रेम संबंध शादी तक पहुंचे, पर उसके बाद जो हुआ वह प्रेम के नाम पर धाेखाधड़ी साबित हुआ। अब साथ न प्रेमी है और न पाल पोस बड़ा करने वाला परिवार, शिकायत पुलिस तक और युवती थाने में है।
क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती का करीब डेढ़ वर्ष पहले एक मिस कॉल के जरिए रोहित नामक युवक से हुआ परिचय धीरे-धीरे प्रेम में बदल गया। युवती के घरवालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी तो रोहित ने एक वर्ष पहले कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद युवती के परिवार ने उससे सारे संबंध तोड़ दिए और साफ कह दिया कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है, अब वह पति के साथ रहे।
युवती के मुताबिक शादी के बाद रोहित उसे राजस्थान ले गया, जहां विश्वासघात की सभी हदें पार हो गईं। उसने न सिर्फ युवती का शोषण किया, बल्कि अपने एक दोस्त को कमरे में भेजकर उसके साथ दुष्कर्म भी करवाया। आरोप लगाया कि तीन माह का गर्भ होने पर रोहित ने उसका जबरन गर्भपात भी करवा दिया। जब वह रोहित के घर पहुंची तो परिजनों ने उसे भगा दिया। रविवार देर रात रोहित युवती को रामनगर रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया।
रोती-बिलखती युवती को देखकर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की और उसके पिता को बुलाया। पुलिस ने कई बार समझाया, लेकिन पिता बेटी को अपने घर ले जाने को तैयार नहीं हुए। माता पिता ने कहा कि अपनी मर्जी से शादी की थी, अब उसी के साथ रहे। युवती रोते हुए कहती रही, रोहित ने शादी के नाम पर शोषण किया, गर्भ गिरवाया और अब छोड़कर चला गया। न घर वाले अपना रहे, न पति…मैं कहां जाऊं ?
