Moradabad : मझोला पुलिस ने अपहृत परवेज को सकुशल बरामद किया, 10 लाख रुपये मांगी थी फिरौती
मुरादाबाद, अमृत विचार। मझोला पुलिस ने अपहरण कर 10 लाख रुपये फिरौती की मांग करने वाले गैंग की दो महिला सदस्यों सहित सात आरोपियों को गागन नदी रोड मल्कदा तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अपहृत परवेज को सकुशल बरामद कर लिया। टीम ने सदस्यों से एक तमंचा 315 बोर, दो कारतूस, नौ मोबाइल फोन, एक टाटा सफारी और एक लक्जरी कार भी बरामद की है।
सोमवार को एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में अपहरण कर फिरौती मांगने वाले गैंग का खुलासा किया। बताया कि 22 नवंबर को बरेली निवासी परवेज पुत्र शरीफ का 6-7 लोगों ने नया मुरादाबाद क्षेत्र से अपहरण कर लिया था। आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल थीं। अपहरणकर्ताओं ने परवेज के परिवार वालों से फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती की मांगा और जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित के रिश्ते के भाई आजन पुत्र नूरुल हक की तहरीर पर थाना मझोला में मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि परवेज के परिवार वालों ने अपहरणकर्ताओं के दबाव में 83 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी कर दिए, जिसके बाद आरोपियों का लालच बढ़ गया और वे लगातार शेष रकम भेजने को मजबूर करते रहे।
घटना की गंभीरता देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने तत्काल कार्रवाई कर धरपकड़ के लिए एक टीम गठित की। जिसमें मौजूद तकनीकी निगरानी और फील्ड इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों का पीछा किया गया। 24 नवंबर को गागन नदी रोड मल्कदा तिराहे के पास से पुलिस ने विकुल कुमार उर्फ कैलाश सिंह, शोमिक त्यागी, अमन, नितिन, शाकिर, नेहा और संगीता को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी मुरादाबाद और अमरोहा जिले के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले हैं। पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और अपहृत के सकुशल लौटने से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
अकेला मिल गया था परवेज तो जबरन कार में बैठा लिया
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वह आसान तरीके से अच्छी कमाई करने के लालच में इस अपराध में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि परवेज उन्हें अकेला मिल गया था, जिसके बाद उसे जबरन कार में बैठाकर अगवा कर लिया गया। फिरौती न मिलने पर उसे तमंचे की नोक पर धमकाया जाता रहा और परिवार वालों को फोन कर पैसे भेजने का दबाव बनाया जा रहा था। परवेज की कार छिपा दी और मोबाइल फोन व चाबी को नेहा के पास रखवा दिया गया था।
