रैन बसेरा : अव्यवस्था देख रात बिताने से कतरा रहे लोग
बदहाली : टूटी खिड़कियां और गंदे रजाई-गद्दे देखकर खुले में सोना पसंद कर रहे निराश्रित और जरूरतमंद
बरेली, अमृत विचार। बदायूं रोड सुभाषनगर में निराश्रितों और जरूरतमंद लोगों की सुविधा के लिए बने रैन बसेरे में बदहाली फैली है। कहने को तो दो मंजिला रैन बसेरा लोगों को रात में आश्रय देने के लिए बनाया गया है, लेकिन यहां पर फैली बदहाली को देखकर लोगों को खुले में सोना मंजूर है। रैन बसेरे में लगी खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं। इस पर कपड़ा बांध कर हवा को रोका जा रहा है।
लगातार सर्दी के बढ़ने से रात में राहगीर और मजदूर रात गुजारने के लिए छत की तलाश में रैन बसेरा में जाते हैं। सुभाष नगर रोड पर स्थित रैन बसेरे की स्थिति बेहद खराब है। वहां पर पड़ी पुरानी गंदी रजाइयों में लोग रात गुजारने से कतराते हैं। केयर टेकर वीरपाल ने बताया कि रैन बसेरे में 25 बेड हैं। चादरें गंदी होने के बाद उन्हें हटा दिया गया है। रजाई-गद्दे भी काफी गंदे हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि रैन बसेरे में दो-चार लोग ही रात में पहुंचते हैं। कुछ लोग यहां की हालत देखकर वापस चले जाते हैं। पानी की सुविधा के लिए वाटर टैंक रखा हुआ है, लेकिन डेढ़ साल पहले मोटर खराब होने पर नगर निगम के कर्मचारी मोटर खोलकर ले गए थे, लेकिन आज तक मोटर वापस नहीं आई है। पानी के लिए जल निगम की टंकी पर निर्भर रहना पड़ता है। रैन बसेरे के गेट के बाहर लगा इडिंया मार्का नल भी खराब पड़ा है।
नाले में खोल दिया शौचालय का पाइप हुआ चोक
रैन बसेरा में बने शौचालय चोक पड़े हैं। इसकी वजह से परिसर में दुर्गंध फैली हुई है। केयर टेकर वीरपाल ने बताया कि शौचालय के लिए सेप्टिक टैंक नहीं बनाया गया था। शौचालय का पाइप में स्थित नाले में डाल दिए गए थे। नाले की सिल्ट से पाइप चोक हो गए। सफाई कर्मी नहीं आने से शौचालय की दुर्गंध पूरे परिसर में फैली हुई है।
रैन बसेरों की स्थिति दुरुस्त करने के लिए अधीनस्थों को आदेशित किया गया है, वहीं अलाव को लेकर टेंडर प्रक्रिया चल रही है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त।
