बाराबंकी : एक माह में 15 करोड़ वोटरों की समीक्षा असंभव, सरकार की मंशा संदिग्ध- बोले पुनिया
सांसद तनुज पुनिया ने चुनाव आयोग की मंशा पर जताई आशंका
बाराबंकी, अमृत विचार। मंगलवार को सांसद आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद तनुज पुनिया ने एसआईआर प्रक्रिया की धीमी गति पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिले और प्रदेश में एसआईआर का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिससे सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं दिख रही।
सरकार ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए मात्र एक माह का समय निर्धारित किया है, जबकि उत्तर प्रदेश में लगभग 15 करोड़ 42 लाख वोटरों की समीक्षा करना संभव नहीं है। सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि केरल और उत्तर प्रदेश में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 26 नवंबर को निर्धारित है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को प्रभावित करने और चुनावी निष्पक्षता पर संदेह पैदा करने वाली इस प्रक्रिया के खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है, जिस पर कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहम्म्द मोहसिन ने भी एसआईआर प्रक्रिया को धरातल पर असफल करार देते हुए कहा कि समाज में इसके प्रति कोई जागरूकता नहीं है। बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वे की प्रक्रिया और एसआईआर फॉर्म उपलब्ध कराने में भी पूरी तरह विफलता नजर आ रही है। प्रेस वार्ता में नगर अध्यक्ष राजेन्द्र वर्मा (फोटो वाला) और प्रवक्ता केसी श्रीवास्तव मौजूद रहे।
