कानपुर : वीडियो कॉल कर महिला ने पति को दिखाया फंदा, कहा- सुसाइड करने जा रहे, आत्महत्या से पहले थाने में दी थी तहरीर
कार्यालय संवाददाता, कानपुर, अमृत विचार : रावतपुर में आए दिन की कलह और मारपीट से आजिज महिला ने पति को वीडियो कॉल कर पंखे के कुंडे में कसा फंदा दिखाया। बोली, अब बहुत हुआ आत्महत्या करने जा रहे हैं। खबर पाकर पति तत्काल घर पहुंचा तब तक वह लटक चुकी थी। उससे पहले महिला थाने में पति के खिलाफ तहरीर देकर आई थी। गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पर आक्रोशित परिजनों व सहेलियों ने आरोपी पति से मारपीट की। करीब चार घंटे तक हंगामा चला। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया।
मूलरूप से कानपुर देहात निवासी शुभम दिवाकर रावतपुर के शिवपुरी छपेड़ा पुलिया में रहता है। दिहाड़ी मजदूरी करने वाला शुभम ने सात साल पहले लक्ष्मीपुरवा झाड़ू वाली गली निवासी 28 वर्षीय मोनिका उर्फ मोना से प्रेम विवाह किया था। परिजनों के बेदखल करने पर वह आदर्शनगर में किराए पर रहने लगा। उसके दो बच्चे आयशा व रचित हैं। लक्ष्मीपुरवा की मोना की बड़ी बहन पूनम का आरोप है कि शुभम शराब का लती है। आए दिन बहन से शराब के लिए पैसे मांगता था। मना करने पर पीटता था। जब घर खर्च पर संकट आया तो बच्चों को देखकर उसने वेलकम गर्ल की नौकरी करनी शुरू की। मायके से भी कोई सहारा नहीं है। पिता की 18 साल पहले मौत हो चुकी है। पूनम भी विधवा है और बुजुर्ग मां कैलाशी की भी देखभाल करती है।
कैलाशी ने बताया कि मंगलवार को भी शुभम ने बेटी के साथ मारपीट की थी। इस पर मोना ने रावतपुर थाने में तहरीर दी और बच्चों के साथ लक्ष्मीपुरवा उसके पास आ गई। शुभम के फोन करने पर बुधवार सुबह घर गई तो पति ने उससे फिर मारपीट की। दिनभर मारपीट के बाद शाम वह फिर शराब पीने चला गया। इसी बीच तंग आकर मोना ने यह कदम उठाया। बेटी ने उसे शाम छह बजे वीडियो कॉल किया तो शराब ठेके में ही था। कॉल के बाद वह फंदे पर लटक गई। शुभम के अनुसार जब वह घर पहुंचा मोना की मौत हो चुकी थी। सूचना पाकर पहुंची डॉयल 112 ने दरवाजा तोड़कर शव फंदे से उतारा। पोस्टमार्टम हाउस पर मोना के परिजन, सहेलियों ने बुधवार को आए दिन की मारपीट का आरोप लगाकर हंगामा किया। शुभम की पिटाई भी की। पता चलने पर रावतपुर से आई अतिरिक्त पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर शांत कराया। शव के अंतिम संस्कार व बच्चों की देखभाल पर बात हुई। शुभम के खिलाफ तहरीर दी, तब जाकर लोग शांत हुए।
शुभम ने कहा, मैं भी परेशान था
शुभम ने बताया कि मैं भी परेशान था। मोना 15-15 दिन बच्चों को लेकर लक्ष्मीपुरवा में रहती थी। उसके और बच्चों के बारे में कुछ पता नहीं होता था। फोन करो तो नाराज होती थी। उसे रोज होटल पर खाना पड़ता था। काम घर से भी जा सकते हैं। साथ में काम करने वालीं उसके भड़काती थी। यहीं कारण है अक्सर कलह होनी लगी। अगर पत्नी घर-परिवार देखती तो यह नौबत क्यों आती।
