Varanasi: अनुशासन, उत्साह और गौरव का देखने को मिला अद्भुत समन्वय, 353 अग्निवीरों ने गीता पर हाथ रखकर ली राष्ट्र रक्षा की शपथ

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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वाराणसी। वाराणसी छावनी स्थित 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर (जीटीसी) में शनिवार को सैन्य परम्पराओं के अनुरूप अग्निवीरों की भव्य शपथ-परेड सम्पन्न हुई। अग्निपथ योजना के 06/25 बैच के कुल 353 अग्निवीरों ने पवित्र भगवद्गीता पर हाथ रखकर राष्ट्रध्वज की मर्यादा बनाए रखने और देश की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने का संकल्प लिया। समारोह में सैन्य अनुशासन, उत्साह और गौरव का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

समारोह के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर जयदीप चंदा, कमांडेंट, 39 जीटीसी ने परेड की सलामी ली और उन्होंने कहा कि अग्निवीरों ने कठिन प्रशिक्षण के प्रत्येक चरण में साहस, अनुशासन और समर्पण की मिसाल पेश की है। उन्होंने नवप्रशिक्षित जवानों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया। इसके उपरान्त कर्नल टी.बी. क्षेत्री, कमांडिंग ऑफिसर, ट्रेनिंग बटालियन ने परेड का सूक्ष्म निरीक्षण किया तथा जवानों की तैयारियों, वर्दी की सज्जा और संयमित ड्रिल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम में कर्नल प्रदीप बेहरा, उप कमांडेंट, 39 जीटीसी भी उपस्थित रहे और प्रशिक्षण पूरा कर सेना में शामिल हुए जवानों को शुभकामनाएं दीं। परम्परागत रीति से दंडपाल अधिकारी ने सभी अग्निवीरों को भगवद्गीता पर हाथ रखवाकर शपथ दिलाई। परेड का संचालन अग्निवीर आवाज राय ने औपचारिक अनुमति लेकर कुशलतापूर्वक किया।

समारोह का मंच संचालन सुबेदार यशविंदर सिंह तथा इंद्रा थापा ने अत्यन्त अनुशासित और प्रभावी ढंग से किया, जिसकी उपस्थित अधिकारियों एवं परिजनों ने सराहना की। मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर जयदीप चंदा ने विभिन्न प्रशिक्षण क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को सम्मानित किया।

जिनमें प्रमुख रूप से फायरिंग में सर्वश्रेष्ठ - अग्निवीर संस्कृत छेत्री, रणकौशल में सर्वश्रेष्ठ - अग्निवीर लियांगन लेप्चा, ड्रिल में सर्वश्रेष्ठ- अग्निवीर आवाज राय, शारीरिक दक्षता में सर्वश्रेष्ठ - अग्निवीर अरमान राय, जनरल एम.के. लाहिरी मेडल (द्वितीय समग्र सर्वश्रेष्ठ)- अग्निवीर किरण प्रधान, समग्र सर्वश्रेष्ठ (गौरव तलवार/ओवरऑल बेस्ट- अग्निवीर आकाश सिंह शामिल रहें। सम्मानित जवानों की उपलब्धियों को परेड मैदान में उपस्थित परिजनों, अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने गर्व के साथ तालियां बजाकर सराहा। इसके बाद सैन्य अधिकारियों के साथ सभी अग्निवीरों ने सामूहिक फोटोग्राफी भी कराई। 

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