अयोध्या: कार्यकर्ता घर-घर पहुंचाएंगे राम का चित्र और जन्मभूमि के संघर्षों का इतिहास
अयोध्या। चातुर्मास तथा तकनीकी कारणों से कच्छप चल रहे राम मंदिर निर्माण के कार्य को तेज करने की तैयारी है। हालांकि अभी कार्य योजना को चाक-चौबंद बनाने का काम चल रहा है। चातुर्मास के बाद अब खरवास का महीना शुरु हो गया है। वैसे तो अभिजीत मुहूर्त में 5 अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र …
अयोध्या। चातुर्मास तथा तकनीकी कारणों से कच्छप चल रहे राम मंदिर निर्माण के कार्य को तेज करने की तैयारी है। हालांकि अभी कार्य योजना को चाक-चौबंद बनाने का काम चल रहा है। चातुर्मास के बाद अब खरवास का महीना शुरु हो गया है। वैसे तो अभिजीत मुहूर्त में 5 अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तथा राम मंदिर निर्माण समिति की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों भूमि पूजन संपन्न कराया जा चुका है। ऐसे में शुभ तिथि की कोई बाधा नहीं है।
फिर भी माना जा रहा है कि मंदिर के निर्माण कार्य में तेजी मकर संक्रांति से ही आएगी। इसी को लेकर आम जनमानस से राम मंदिर निर्माण में अंशदान हासिल करने के लिए ट्रस्ट के संबंध में से विश्व हिंदू परिषद तथा आनुषंगिक संगठनों ने मकर संक्रांत से लेकर माघी पूर्णिमा तक अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
अभियान के तहत घर-घर श्रीराम का चित्र और राम जन्मभूमि तथा उसके संघर्षों का इतिहास संबंधी साहित्य पहुंचाया जाएगा तथा कूपन और रसीद के माध्यम से लोगों से अंशदान लिया जाएगा। इसके लिए गांव और मोहल्लेवार टोलियां गठित की जा रही हैं। नई दिल्ली में आयोजित 11 नवंबर को संतो के सम्मेलन में राम मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग के लिए 1989 के राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम की तर्ज पर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अभियान के तहत हासिल होने वाले दान के लिए ट्रस्ट की ओर से बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता खोलने की तैयारी है।
वैश्विक महामारी का रूप धारण कर चुके नोबेल कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर रुकी पड़ी गतिविधियों को एक बार फिर से तेज करने की कवायद शुरू हो गई है। राम मंदिर के लिए परिवारों से सहयोग हासिल करने का जिम्मा विश्व हिंदू परिषद ने अपने हाथों में लिया है। हालांकि इस अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े सभी आनुषंगिक संगठनों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद की ओर से मकर संक्रांति से लेकर रामनवमी तक धन संग्रह के लिए 90 दिन का अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के तहत विश्व हिंदू परिषद की ओर से पांच लाख गांव में धार्मिक अनुष्ठान कराया जाएगा और देश के 11 करोड़ लोगों से राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग हासिल किया जाएगा। राम मंदिर निर्माण के लिए अंशदान हासिल करने में पारदर्शिता बनी रहे इसको लेकर संगठन की ओर से 10 रुपए, 100 रुपये और एक हजार रुपए का कूपन तथा रसीदें छपाई गई हैं।अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विहिप तथा आनुषंगिक संगठनों की ओर से गांव और मोहल्लेवार टोलियां गठित की गई है। टोलियो की बैठक भी शुरू हो गई है।
मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य डॉ अनिल मिश्र ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का मंदिर सरकारी पैसे से नहीं बल्कि आमजन के सहयोग से बनना है। इसी को लेकर जनसंपर्क अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। देश प्रदेश के कोने-कोने में डोलिया घर घर जाएंगी और सभी को श्री राम के चित्र के साथ राम जन्म भूमि का पूरा इतिहास संबंधित साहित्य सौंपेंगे। अभियान के तहत कम से कम 11 करोड़ परिवारों से राम मंदिर निर्माण के लिए अंशदान हासिल करने की योजना है।
