लखनऊ: रोडवेज में बस कंडक्टरों की भर्ती नहीं, यात्रियों को हो रही परेशानी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ, अमृत विचार। यूपी रोडवेज में बस परिचालकों की कमी के चलते रोजाना बसे कैंसिल हो रही है। अभी तक यात्री आभाव में बसें रद्द हो रही थी। अब बस कंडक्टरों को लेकर संचालन प्रभावित हो गया है। यही वजह है रोजाना लखनऊ से सहरानपुर, झांसी, अलीगढ़, मेरठ, दिल्ली व हरिद्वार की बसें कंडक्टर आभाव …

लखनऊ, अमृत विचार। यूपी रोडवेज में बस परिचालकों की कमी के चलते रोजाना बसे कैंसिल हो रही है। अभी तक यात्री आभाव में बसें रद्द हो रही थी। अब बस कंडक्टरों को लेकर संचालन प्रभावित हो गया है। यही वजह है रोजाना लखनऊ से सहरानपुर, झांसी, अलीगढ़, मेरठ, दिल्ली व हरिद्वार की बसें कंडक्टर आभाव में रद्द करनी पड़ रही है। ऐसे में रोडवेज में बस कंडक्टरों की भर्ती नहीं करने का परिणाम यात्री भुगत रहे है।

रोडवेज में प्रति बस 2.16 के औसत से कंडक्टर रखे जाते हैं। इस लिहाज से लखनऊ क्षेत्र में परिवहन निगम की 558 व अनुबंधित 526 बसें है। इनमें कुछ बसें रोजाना मरम्मत के आभाव में व कोरोना काल की वजह से सरेंडर है। बावजूद 500 से ज्यादा बस कंडक्टरों की कमी है। ऐसे में ट्रेनें कम चलने से यात्री बस पकड़ने बस अड्डे पहुंच रहे है। जहां यात्रियों को ले जाने के लिए बस कंडक्टर ही नहीं है।

रोडवेज परिचालकों की कमी को लेकर मुख्यालय पर हंगामा

रोडवेज बस कंडक्टरों की कमी प्रदेश के 32 बस डिपो में है। जहां सब मिलाकर करीब 3000 पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर परिवहन निगम नियमित तो बहुत दूर संविदा पर भी भर्ती नहीं कर रहा है। इससे नाराज बुधवार को प्राइवेट बस मालिकों ने मुख्यालय पर हंगामा किया। क्योंकि अनुबंधित बसों में चालक निजी मालिक के होते हैं और कंडक्टर रोडवेज देता है।

 

प्रधान प्रबंधक संचालन बस कंडक्टर देने से किया इंकार

राज्य सड़क परिहवन निगम मुख्यालय के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) पीआर बेलवारियार को निजी बस एसोसिएशन के महासचिव राकेश बाजपेई ज्ञापन सौंपा। पर रोडवेज अधिकारी ने साफ-साफ बस कंडक्टर देने से इंकार कर दिया। सीजीएम संचालन ने कहा कि बस कंडक्टर की भर्ती करने के लिए शासन तीन बार प्रस्ताव बनाकर भेजा। पर मंजूरी अभी तक नहीं मिली।

संबंधित समाचार