कानपुर : अन्नपूर्णा एआई प्रोजेक्ट के लिए डॉ. दीपक कुमार वर्मा एक लाख रुपये से पुरस्कृत
कानपुर, अमृत विचार। सीएसजेएमयू में मंगलवार को गिगनाटी के सहयोग से बिल्ड एआई एजेंट हैकथॉन-2025 का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों के बीच एआई के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देना रहा। नो-कोड और एजेंटिक एआई तकनीकों के माध्यम से वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करना था। हैकथॉन में एआई समाधान प्रस्तुतिकरण में पहला पुरस्कार करीब एक लाख रुपये के रूप में डॉ. दीपक कुमार वर्मा को अन्नपूर्णा एआई प्रोजेक्ट के लिए दिया गया।
सीएसजेएमयू में आयोजित हैकथॉन में 300 से अधिक मेंटर्स ने भाग लिया और उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ मिलकर प्रभावी कृत्रिम बुद्धिमत्ता वर्कफ्लो आधारित परियोजनाएं विकसित की। गिगनाटी प्लेटफार्म पर कई सप्ताह तक चले प्रशिक्षण व विकास के बाद 11 टीमों ने सामाजिक और संस्थागत चुनौतियों पर केंद्रित पूर्ण एआई समाधान प्रस्तुत किए।
मूल्यांकन में भागीदारी, वर्कफ्लो डिजाइन, तकनीकी निष्पादन, टोकन दक्षता और वास्तविक प्रभाव जैसे मानदंडों के आधार पर दो परियोजनाएं सर्वश्रेष्ठ रही, जिसमे अन्नपूर्णा एआई प्रथम रही, इसके लिए डॉ.दीपक कुमार वर्मा को करीब एक लाख रुपये से पुरस्कृत किया गया। उनकी यह परियोजना जीरो-वेस्ट फूड रेस्क्यू सिस्टम पर आधारित है, जो रियल-टाइम में फूड डोनर्स को एनजीओ से जोड़ती है।
इस समाधान को इसकी सामाजिक प्रासंगिकता और सुव्यवस्थित ऑटोमेशन के लिए विशेष रूप से सराहा गया। वहीं, 75 हजार रुपये का दूसरा पुरस्कार डॉ.अंशु सिंह को उनके समाधान कैम्पस न्यूजबॉट के लिए प्रदान किया गया, जो व्हाट्सएप आधारित एक एआई असिस्टेंट है। यह छात्रों व संकाय सदस्यों तक त्वरित व विश्वसनीय कैंपस अपडेट पहुंचाता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक यह हैकथॉन विभिन्न विभागों में एआई साक्षरता को बढ़ाने और शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों का उपयोग के प्रति प्रेरित करने का महत्वपूर्ण कदम है। गिगनाटी के मुताबित नो-कोड एआई टूल्स बिना तकनीकी बाधाओं के उपयोगकर्ताओं को अभिनव और व्यावहारिक समाधान विकसित करने में सक्षम हैं।
