शाहजहांपुर: लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार

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अमृत विचार, शाहजहांपुर। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का एसओजी और सदर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इनके ठिकाने पर छापा मारकर पांच ठगों को गिरफ्तार किया। बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के …

अमृत विचार, शाहजहांपुर। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का एसओजी और सदर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इनके ठिकाने पर छापा मारकर पांच ठगों को गिरफ्तार किया। बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।

एसपी एस आनंद ने बताया कि एसओजी टीम को कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि तारीन बहादुरगंज क्षेत्र में मोहम्मद यामीन के मकान में फर्जी तौर से कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। मामले की पुष्टि होने पर एसओजी और थाना सदर बाजार पुलिस ने बुधवार को संयुक्त रूप से कॉल सेंटर पर छापा मारा।

इसमें पुलिस ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए ठगों में गैंग का सरगना थाना सिंधौली के गांव मुरछी निवासी सौरभ, इसी थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया पवार निवासी सौरभ कुमार, हरदोई के कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव झबरा पुरवा निवासी राहुल व इसी जिले के कोतवाली शहर क्षेत्र के मोहल्ला बडियान पुरवा, बरेली के थाना फरीदपुर क्षेत्र के गांव खानपुर निवासी अंकित गंगवार शामिल हैं। फरार आरोपियों में हरदोई जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र झबरा पुरवा व बागपत के थाना बड़ौत क्षेत्र के गांव काशिमपुर खेड़ी निवासी उपेंद्र हैं। पुलिस टीमें दोनों आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। ये लोग अपने को श्रीराम फाइनेंस कंपनी का मालिक बताते थे।

युवतियों को ट्रेनिंग देकर झांसे में फंसाते थे लोगों
कॉल सेंटर पर तीन से चार हजार रुपये प्रति माह पर नौकरी पर रखा गया जाता था। जिनको लोन दिलाने, नौकरी दिलाने आदि की ट्रेनिंग दी जाती थी। बकायदा युवतियों को ठगी करने के लिए स्क्रिप्ट लिखकर दी जाती थी। इसके बाद युवतियां लोगों को फोन करके लोगों को लोन दिलाने और नौकरी दिलाने का झांसा देती थी। वे एक लाख से लेकर बीस लाख रुपये का होमलोन, पर्सनल लोन, कार्य लोन मात्र चार प्रतिशत ब्याज पर दिलाने का झांसा देती थी। इसमें रजिस्ट्रेशन के नाम पर ग्राहकों से ढाई हजार रुपये फीस जमा की जाती थी। इसके बाद सात हजार रुपये एकाउंट अपडेशन का सौदा तय होता था। रुपये मिलने के बाद वह मोबाइल बंद कर दिया जाता था। इसके बाद ग्राहक को जानकारी होती थी कि उसके साथ ठगी हुई है।

गैंग का सरगना पहले दिल्ली में चलाता था फर्जी कॉल सेंटर
गैंग का सरगना पहले दिल्ली में इसी तरह से फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। लॉकडाउन में वह दिल्ली से घर वापस आ गया और उसने दोनों के साथ मिलकर कॉल सेंटर खोल लिया। गैंग में शामिल अंकित व फरार उपेन्द्र ने विभिन्न नामों से अपने बैंक एकाउंट बना रखे थे। जिसमें वे लोगों से रुपये ट्रांसफर कराते थे। पुलिस के मुताबिक इससे सौरभ ने काफी दौलत कमाई है। उसके बैंक खातों की जांच की जा रही है। इनके और लिंक का भी पता लगाया जा रहा है।

राजस्थान के शिक्षक से दो लाख रुपये ठगे
पुलिस पूछताछ में सौरभ ने बताया कि लोन दिलाने के नाम पर राजस्थान के एक शिक्षक से 1.98 रुपये ठगे थे। जिसकी शिक्षक ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। पुलिस शिक्षक से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

सर्विलांस टीम की रही अहम भूमिका
ठगी गैंग गिरोह को पकड़ने में सर्विलांस टीम की अहम भूमिका रही। ठगे गए लोगों के द्वारा बताए गए नंबर से सर्विलांस टीम ने गैंग की हिस्ट्री खंगाली। जिसमें एसओजी टीम का सहयोग रहा।पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। इनके बैंक खातों की भी जांच कराई जा रही है। अभी और तथ्य सामने आएंगे।
एसपी एस आनंद

गिरोह के पास से बरामद माल
एक लैपटॉप
20 मोबाइल व 12 चार्जर
900 विजिटिंग कार्ड
कई एटीएम व पैन कार्ड
फर्जी दस्तावेज

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