अनुभूति: जीवन का आनंद बागबानी
मैंने कुछ समय पहले अपनी बगिया में टमाटर के पौधे लगाए, करीब एक-दो महीने बाद उन पर नन्हें-नन्हें टमाटर आना शुरू हो गए हैं, यकीन मानिए उन्हें देखकर मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। इन टमाटरों के स्वाद में और बाजार की मिलावटी खाद से उगे टमाटर के स्वाद में धरती- आसमान का अंतर था। इतना सुखद एहसास कि मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। इस सुकून को तो केवल वही समझ सकता है, जिसने खुद बागवानी का अनुभव किया हो। बागवानी न केवल हमारी बगिया को खूबसूरत बनाती है, बल्कि हमें खुशी भी प्रदान करती है और तो और शोध यह भी बताते हैं कि बागवानी करने से हमारे स्वास्थ्य में भी सुधार आता है।
बागवानी करने से डिप्रेशन, एंजायटी व अनिद्रा की समस्या भी दूर होती है। क्योंकि हमारा शरीर जिन पांच तत्वों से मिलकर बना है, उसमें एक तत्व पृथ्वी भी है और मिट्टी के स्पर्श से हमें आत्मिक एक रसता होने की अनुभूति होती है। पेड़-पौधों में भी प्राण होते हैं और उन्हें छूने से, उनके साथ रहने बैठने से हमारी प्राण शक्ति भी बढ़ती है। मनुष्य और पेड़-पौधे एक दूसरे को आदान-प्रदान भी करते हैं। जैसे हमें ऑक्सीजन की जरूरत होती है उसी प्रकार पौधों को कार्बन डाइऑक्साइड की। इस प्रकार हमारा पेड़-पौधों से एक तरताम्य सा बन जाता है। एक जुड़ाव सा हो जाता है। अतः हम अपने लॉन, बगीचे या बालकनी को फूलों से, पौधों से और पेड़ों से सजाएं।
आप चाहे तो सर्दियों में उगने वाले खास सजावट के फूल जैसे गेंदा, सूरजमुखी, गुलदावरी, गुलाब भी लगा सकते हैं, जिससे आपके बगीचे में रौनक भी आ जाएगी और आपके घर के प्रभामंडल में अच्छा सुधार आएगा व नकारात्मक उर्जा भी नहीं रहेगी, जिससे आपका मन प्रफुल्लित रहेगा और सर्दियों के इस अधमने मौसम में भी आप फूलों की तरह खिले-खिले नजर आएंगे। सांसों के माध्यम से जब शरीर के भीतर फूलों की खुशबू जाएगी तो स्वतः ही स्वशन प्रणाली मजबूत होगी वह हमारा मन और मस्तिष्क भी प्रसन्न रहेगा। यकीन मानिए अगर आप एक घंटा बागवानी के लिए निकालते हैं, तो निश्चित रूप से आपके स्वास्थ्य में सुधार आएगा व मानसिक चिंताओ से मुक्ति मिलेगी। इससे आपकी हॉबी भी पूरी होगी व आप अपने आप को समय भी दे पाएंगे, साथ ही आप सकारात्मक ऊर्जा से अपने आप को भरपूर पाएंगे। श्रुति सुकुमार, बरेली
