मॉब लिंचिंग पर सख्त कानून की मांग: यासूब अब्बास बोले- अधिकारों की लड़ाई कभी न छोड़ें
लखनऊ, अमृत विचार: एतिहासिक आसिफी इमामबाड़े में रविवार को आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के वार्षिक अधिवेशन में सरकार से माॅब लिंचिग पर सख्त क़ानून बनाने और शिया समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का जायजा लेकर अलग से आरक्षण देने की मांग की गई। महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि पहले इमाम हजरत अली ने फरमाया कि जिस दिन लोग अपने अधिकारों की लड़ाई छोड़ देंगे उस दिन से उन पर अन्याय शुरू हो जाएगा। इसलिए अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहना चाहिए और सरकार के सामने अपनी मांगें रखनी चाहिए।
बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सायम मेहदी की अध्यक्षता में हुए अधिवेशन देश भर से आए धर्मगुरु शामिल हुए। सरकार से मांग की गई कि वह सऊदी हुकूमत पर दबाव बनाकर पैगम्बर मोहम्मद साहब की बेटी जनाबे फातिमा ज़हरा के रौज़े (जन्नतुल बकी) का पुनर्निर्माण कराया जाए। सच्चर कमेटी की तर्ज पर एक कमेटी गठित कर हिंदुस्तान में शिया समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का जायजा लेकर उन्हें अलग से आरक्षण देने, रोजगार और उत्थान के लिए योजनाएं बनाने की मांग भी की गई। इसके अलावा यूसीसी पर पुनर्विचार करने, शिया वक्फ बोर्डों खासकर उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार और कीमती संपत्तियों की अवैध बिक्री की जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की की मांग करते हुए वक्फ संपत्तियों के रख रखाव के लिए विशेष कानून बनाने की मांग भी उठाई गई।बोर्ड ने लखनऊ के हुसैनाबाद ट्रस्ट में फैले भ्रष्टाचार और ऐतिहासिक इमारतों की जर्जर स्थिति को तुरंत सुधारे जाने की बात कही। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि कौम की बेटियों को शिक्षा के लिए हिजाब पहनने का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है, इसे पूरी तरह लागू किया जाए और इसमें बाधा न डाली जाए। अधिवेशन में बड़ी संख्या में उलेमा, खतीबों, बुद्धिजीवियों और अंजुमनों के सदस्यों ने भाग लिया। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद लोग सम्मेलन में बड़ी संख्या में पहुंचे।
