दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री नरेन्द्र कश्यप

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि उनकी सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। कश्यप ने मंगलवार को विभागीय बैठक में डॉ शकुंतला मिश्रा पुनर्वास यूनिवर्सिटी, जगद्गुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय की समीक्षा करते हुए कहा कि ये विश्वविद्यालय दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं। 

उन्होंने मंडल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और प्रचार-प्रसार के माध्यम से इन संस्थानों की शैक्षणिक सुविधाओं, पाठ्यक्रमों और अवसरों की जानकारी दिव्यांगजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक छात्र उच्च शिक्षा से जुड़ सकें। साथ ही दोनों विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति और निर्माणाधीन कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने पर जोर दिया। 

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में शादी अनुदान योजना के तहत 72,690 लाभार्थियों को सहायता दी गई है, जबकि छात्रवृत्ति योजना से 12,76,303 विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया गया। वहीं कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत 'ओ' लेवल और 'सीसीसी' पाठ्यक्रमों के लिए हजारों प्रशिक्षणार्थियों को लक्ष्य आवंटित किया गया है। 

मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में प्रगति धीमी है, वहां जिलाधिकारियों के साथ समन्वय कर कार्यों में तेजी लाई जाए। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में अवगत कराया गया कि प्रदेश में 11,88,425 दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन तथा 13,357 लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है। 

निःशुल्क बस यात्रा योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 16,97,319 दिव्यांगजन एवं उनके सहयोगियों ने राज्य परिवहन की बस सेवाओं का लाभ उठाया है। मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए सक्षम बनाना है।  

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