आपके घर का गलत वास्तु... बढ़ा सकता है एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स
आज के समय में वैवाहिक रिश्तों में बढ़ती दूरियां, तनाव और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स केवल भावनात्मक या सामाजिक कारणों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे घर का गलत वास्तु और प्रतिकूल ग्रह-दशाएं भी बड़ी भूमिका निभाती हैं। कई बार दंपति अनजाने में ऐसे स्थान पर रहते हैं, जहां ऊर्जा असंतुलन रिश्तों में शक, झगड़े और भावनात्मक खालीपन पैदा करता है। जब वास्तु दोष और ग्रहों का प्रभाव साथ मिल जाता है, तो 'तीसरे व्यक्ति' की एंट्री के योग बढ़ जाते हैं। इस लेख में जानिए कैसे घर की दिशाएं और ग्रह संबंधों को प्रभावित करते हैं।
पति-पत्नी के रिश्ते में दूरी, झगड़े और बीच में “तीसरे” का आना कई बार घर के वास्तु और ग्रह-दशा दोनों के मेल से होता है।
कैसे बिगड़ते हैं संबंध
यदि दंपति का बेडरूम दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) में हो, तो स्वभाव में गर्मी, तकरार, शक और गुस्सा बढ़ता है, बात छोटी हो या बड़ी तुरंत झगड़े में बदल जाती है।
- जब बेडरूम उत्तर-पूर्व में होता है, तो भावनात्मक दूरी, ठंडापन और शारीरिक निकटता में कमी आने लगती है, जिससे पति-पत्नी एक-दूसरे से कटने लगते हैं।
- दक्षिण-पश्चिम जो रिश्तों और स्थिरता का कोना है, वहां कटाव, टॉयलेट, किचन या भारी दोष हों, तो भरोसा कमजोर होता है, असुरक्षा और अलगाव की भावना पैदा होती है।
तीसरे के आने के वास्तु कारण
- दक्षिण-पश्चिम जोन (रिलेशनशिप जोन) में टॉयलेट, गड्ढा या बहुत हल्कापन होने से वैवाहिक बंधन ढीला पड़ता है और बाहरी लोगों की दखल, यहां तक कि एक्स्ट्रा मैरिटल संबंध के योग बढ़ते माने गए हैं।
- उत्तर-पश्चिम में (रिश्तों और मूवमेंट का क्षेत्र) ज्यादा कट, अव्यवस्था या गलत निर्माण हो, तो घर के लोग बाहर की संगत में अधिक खिंचते हैं और घर से मन उखड़ सकता है।
- बेडरूम में आईना सामने से या बिस्तर को काटता हो, बिस्तर के नीचे कबाड़, या शादी की फोटो गलत जोन (जैसे SSW, ESE, WNW) में हों, तो गलतफहमियां, शक और तीसरे व्यक्ति की एंट्री की संभावना बढ़ती बताई गई है।
अवैवाहिक और ग्रह संबंध
- कुंडली में शुक्र पर राहु की पकड़, खासकर 5 वें, 7 वें, 8 वें या 12 वें भाव में और उनकी दशा-भुक्ति चल रही हो तो अनैतिक आकर्षण, गुप्त संबंध या बार-बार किसी और की ओर झुकाव के योग बन सकते हैं।
- ऐसी स्थिति में व्यक्ति को वर्तमान रिश्ता भी कम लगने लगता है, कल्पनाओं और मोह में निर्णय लेता है और यहीं से तीसरे व्यक्ति की भूमिका मजबूत होती है।
मुख्य सावधानियां बरतने की जरूरत
- कोशिश करें कि मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में हो, बेड सिर दक्षिण या पूर्व की ओर रहे और दोनों के लिए बेड के दोनों ओर बराबर जगह हो ताकि ऊर्जा और अधिकार संतुलित रहें।
- बेडरूम में टॉयलेट, तीखे लाल-नारंगी रंग, लगातार बंद खिड़कियां, कम रोशनी और बिस्तर के नीचे अव्यवस्था न होने दें, इससे अनावश्यक तनाव और मानसिक दबाव बढ़ता है।
-शादी की फोटो, जोड़े के गिफ्ट आदि को रिश्तों के लिए शुभ दिशा (आमतौर पर स्व, SW या पश्चिम) में साफ-सुथरे और सम्मानित स्थान पर रखें, न कि टॉयलेट, स्टोर या कचरे के पास।
आपकी कुंडली और घर की दिशा
हर व्यक्ति की कुंडली और हर घर की दिशा अलग होती है, इसलिए किस घर में कौन-सा दोष रिश्ते को कितना प्रभावित कर रहा है, यह देखने के लिए फ्लोर प्लान और दोनों की जन्म-तिथि, समय, स्थान को देखकर उसके माध्यम से ही उचित निष्कर्ष निकाला जा सकता है। अत: जब भी किसी को कभी घर या बेडरूम की नए सिरे से या दुबारा से व्यवस्थित कराना हो, तो किसी वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही कार्य करें ताकि घर में होने वाले वास्तु दोषों से बचा जा सकें।
- आचार्य मधुरेंद्र पांडेय, ज्योतिष एवं वास्तु एक्सपर्ट
