Moradabad: ठिठुरन ने बढ़ाईं मुश्किलें, धूप न निकलने से दिन भर कांपे लोग
मुरादाबाद, अमृत विचार। सर्दी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को पूरे दिन धूप न निकलने और तेज रफ्तार से चली ठंडी पछुआ हवा के कारण महानगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन प्रभावित रहा। गलन भरी ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। सड़कों और बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम रही, हालांकि जरूरतमंद लोग ही बाहर निकलते नजर आए।
सुबह की शुरुआत ही कंपकंपा देने वाली ठंड के साथ हुई। रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डा, जिला अस्पताल, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास किया। राहगीर भी जगह-जगह अलाव के सहारे रुकते दिखे। चाय और मूंगफली के ठेलों पर जल रही भट्ठियों और चूल्हों के आसपास लोग हाथ सेंकते रहे। दिन भर धूप न निकलने से ठंड का असर और बढ़ गया, जिससे गलन बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
खासकर सुबह और शाम के समय ठंड ने लोगों को ज्यादा परेशान किया। इस बीच कई स्कूलों की ओर से छुट्टी की घोषणा देर से किए जाने के कारण बच्चों और अभिभावकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ठंड के मौसम में स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्कता जरूरी है। चेस्ट फिजिशियन डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि सर्दी के दिनों में विशेष रूप से हृदय रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शरीर को गर्म रखना बेहद जरूरी है। ऊनी कपड़े, टोपी और मफलर का उपयोग करें। सुबह बहुत जल्दी टहलने से बचें और धूप निकलने के बाद ही बाहर निकलें।
उन्होंने सलाह दी कि ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराते रहें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें। बहुत ठंडा पानी पीने से बचें तथा चाय और कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में करें। संतुलित और हल्का भोजन करें, ज्यादा तला-भुना खाने से परहेज रखें। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें, तनाव न लें और पर्याप्त नींद लें। उन्होंने चेतावनी दी कि सीने में दर्द, भारीपन, सांस फूलना, बाएं हाथ या जबड़े में दर्द, अत्यधिक पसीना या घबराहट जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
