प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : खरीफ फसल की एक लाख पॉलिसी निरस्त

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2025-26 में बीमित फसलों की एक लाख पॉलिसी कृषि विभाग ने निरस्त कर दी है। बीमा के लिए किसानों ने जो अभिलेख लगाए गए थे वह जांच में फर्जी पाए गए। महोबा, झांसी, हमीरपुर में फर्जीवाड़ा की जांच के चलते क्षर्तिपूर्ति रोक दी गई है।

योजना के तहत खरीफ में अप्रैल से जून तक करीब 20 लाख किसानों ने धान, बाजारा, मक्का, उड़द, मूंग आदि फसलों का बीमा कराया था। कृषि विभाग ने शिकायतों के आधार पर भूमि, फसल, बैंक विवरण समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कराई। इस दौरान करीब एक लाख पॉलिसी में लगाए गए दस्तावेज फर्जी निकले। इस आधार पर पॉलिसी निरस्त कर दी हैं। सबसे ज्यादा पॉलिसी महोबा में 52 हजार, झांसी में 9 हजार, मथुरा में 1600 व 1100 हमीरपुर में की गईं। जिनकी शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जांच करके संबंधित पर कार्रवाई की गई है। इन पॉलिसी की जांच के चलते व्यक्तिगत दावे व मध्यावधि की क्षतिपूर्ति का भुगतान रोक दिया गया है।

महोबा और हमीरपुर में सबसे कम भुगतान

प्रदेश में अगस्त से सितंबर तक बारिश से खरीफ की फसलें नष्ट हुई थीं। बीमित फसलों का किसानों द्वारा क्षतिपूर्ति के लिए व्यक्तिगत क्लेम किया गया था। इस आधार पर फसलों के नुकसान का आकलन करके हाल में 2.50 लाख किसानों को सर्वाधिक 200 करोड़ रुपये व्यक्तिगत और मध्यावधि क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया हैं। जांच के चलते महोबा में सबसे कम 4.50 करोड़ रुपये और हमीरपुर 1.50 करोड़ का भुगतान पात्र किसानों को हुआ है। सबसे अधिक भुगतान ललितपुर में 48 करोड़, जालौन 42 करोड़, झांसी 37 करोड़, मिर्जापुर 18 करोड़, मथुरा में 17 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया है।

मथुरा में रबी 2021-22 की वसूली के निर्देश

मथुरा में रबी वर्ष 2021-22 में किसानों द्वारा पाॅलिसी कराकर दोहरा व तिहरा लाभ लिया गया था। शिकायत के आधार जिला प्रशासन ने जांच कराई थी। करीब 700 किसान पकड़े गए थे। उसी समय कुछ किसानों से 14 लाख रुपये वसूल किए थे। करीब 200 पॉलिसी का दो करोड़ रुपये किसानों ने जमा नहीं किया था। इसका शासन ने संज्ञान लेकर जिला प्रशासन को वसूली के निर्देश दिए हैं।

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