KGMU-कुलपति की छवि धूमिल करने का आरोप: समर्थन में उतरा शिक्षक संघ, धर्मांतरण प्रयास प्रकरण में पुतला जलाने को बताया राजनीति से प्रेरित 

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : केजीएमयू में कथित धर्मांतरण प्रयास प्रकरण को लेकर केजीएमयू शिक्षक संघ खुलकर कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के समर्थन में उतर आया है। शिक्षक संघ ने कुलपति का पुतला फूंके जाने की घटना को राजनीति से प्रेरित और गैरकानूनी बताते हुए इसे केजीएमयू एवं कुलपति की छवि धूमिल करने का प्रयास करार दिया है।

शिक्षक संघ की कार्य समिति की आपात बैठक बुधवार को हुई। इसमें पैथोलॉजी विभाग से जुड़े मामले पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि यह मामला पहले ही मुख्यमंत्री के संज्ञान में है, ऐसे में जांच में किसी भी तरह की कोताही के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि कुलपति के निर्देश पर विशाखा समिति का गठन किया गया और 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक जांच पूरी की गई। आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को न केवल निलंबित किया गया, बल्कि विश्वविद्यालय परिसर में उसके प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। विशाखा समिति दिन-प्रतिदिन के आधार पर जांच कर रही है।

शिक्षक संघ के अनुसार, कुलपति ने जांच प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक और एक महिला डॉक्टर को भी समिति में शामिल किया है। इसके अतिरिक्त सात सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी भी प्रकरण की जांच कर रही है। संघ का कहना है कि नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) समेत अन्य संगठनों द्वारा बुधवार तक कोई भी औपचारिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।

संघ ने आरोप लगाया कि अपेक्षित समर्थन न मिलने से कुछ कुंठित तत्वों ने ‘आम आदमी, आम डॉक्टर’ नामक एक कथित संगठन के बैनर तले मंगलवार को सुशांत गोल्फ सिटी चौराहे पर बिना प्रशासनिक अनुमति कुलपति का पुतला दहन किया और अभद्र नारेबाजी की। इसे शिक्षक संघ ने अत्यंत निंदनीय, अनुचित और गैरकानूनी बताया।

आरोपी रेजिडेंट पुलिस की पकड़ से दूर : एनएमओ

वहीं एनएमओ महानगर इकाई के संयोजक डॉ. शिवम कृष्णन ने आरोप लगाया कि ऐसी किसी भी जांच समिति को संगठन मान्यता नहीं देगा, जिसमें अधिकांश सदस्य केजीएमयू प्रशासन के पक्षधर हों। उनका कहना है कि आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को शह देने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

डॉ. कृष्णन ने इसे बड़ा रैकेट बताते हुए मामले की एसटीएफ और एटीएस से जांच की मांग की है। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केजीएमयू एंटी लव जेहाद संघर्ष समिति के गठन की घोषणा की, जिसमें महिला अधिवक्ता और महिला चिकित्सक शामिल होंगी। एनएमओ ने इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

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