बाराबंकी : सर्दी के कहर से कंपकपाया जनजीवन, पशु पक्षी बेहाल, पाला गिरने के आसार
बाराबंकी, अमृत विचार। कहर बरपा रही सर्दी ने बीते एक दशक का रिकार्ड तोड़ दिया है। इंसान से लेकर बेजुबान पशु पक्षी तक इसकी चपेट में हैं। शुक्रवार को शीतलहरी चली तो तापमान तेजी से लुढ़क गया और लोग अलाव, हीटर आदि के सहारे ही रहे। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा, वहीं गुरुवार को राहत दे गई धूप आज कोहरे की मार सहती रह गई। कोहरे का कहर तो बरकरार है ही पाला गिरने के संकेत भी दिखने लगे हैं। सर्दी का सितम देखते हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों का आना 14 जनवरी तक बंद कर दिया गया है।
जानकार बताते हैं कि गुजरे एक दशक में इस तरह की सर्दी देखने को नहीं मिली। हालांकि वर्ष 2007 व 2014 में बड़ी ही भीषण सर्दी पड़ी थी और पाला गिरने से फसल बड़े स्तर पर तबाह हुई थी। यही नहीं करीब 15 दिनों तक धूप ही नहीं निकली थी। वर्तमान में पड़ रही सर्दी ने गुजरे एक दशक का रिकार्ड तोड़ा है। गिरता पारा, काेहरा, शीतलहर के बाद अब पाले के खतरे ने रही सही कसर पूरी कर दी है।

आलम यह कि इंसान तो किसी तरह खुद का बचाव कर ले रहा पर बेजुबान पशु पक्षियों की शामत आ गई है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक इस समय सार्वजनिक जगहों पर अलाव की मांग बढ़ गई है लेकिन यह उपलब्ध नहीं हाे पा रहा। सबसे ज्यादा दिक्कत खुले में या इधर उधर रात गुजारने वालों के सामने है, उनके लिए अलाव की एकमात्र सहारा बचा है। ठिठुरन, गलन के चलते अब लोग जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे।
गुरुवार को धूप निकलने की वजह से शुक्रवार की सुबह घने कोहरे के साथ हुई। वहीं दोपहर बाद शीतलहर का ऐसा दौर चला कि लोग कंपकंपा उठे। सरकारी दफ्तरों से लेकर निजी प्रतिष्ठानों व दुकानों पर अलाव सर्दी दूर करता रहा। भीषण ठंड ने अब किसानों के कान खड़े कर दिए हैं। पाला गिरने की दशा में फसल चौपट होने के आसार बढ़ गए हैं। इस बीच डीएम के निर्देश पर आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों का अवकाश कर दिया गया।

जरूरतमंदों में कंबल का वितरण
मसौली क्षेत्र में लगातार बढ़ती ठंड ने गरीब और असहाय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे समय में ग्राम पंचायत सफदरगंज के समाजसेवी उस्मान सिद्दीकी उर्फ़ मुन्ना की पहल जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आयी। उन्होंने लगभग 2 सौ कंबल करीब एक हजार शाल एव 2 सौ गर्म टोपी का वितरण कर ठंड से जूझ रहे ग्रामीणों को सहारा दिया। इस दौरान समाजसेवी उस्मान सिद्दीकी की धर्मपत्नी शमा प्रवीन, असगर अली व पंडित सीताकांत मिश्रा आदि भी मौजूद रहे।
