रामपुर : जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल से गूंजी फिजा
धूमधाम से मनाया श्री गुरु गोविंद सिंह जी का 359वां प्रकाशोत्सव पर्व
रामपुर, अमृत विचार। साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाशोत्सव पर शुक्रवार को शहर के तोपखाना रोड स्थित गुरुद्वारा शास्त्री नगर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया और पंच प्यारों की रहनुमाई में भव्य नगर कीर्तन निकला। जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के नारों से फिजा गूंज उठी।
नगर कीर्तन में बैंड, भागड़ा और गतका पार्टी के अलावा तलवार बाजी के करतब देख लोग हैरान रह गए। नगर कीर्तन देर रात सिविल लाइंस स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार पहुंचा।गुरुद्वारा शास्त्री नगर से नगर कीर्तन दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ। नगर कीर्तन में सेवादार सड़कों की धुलाई और झाड़ू की सेवा करते चले। इसके बाद हाथों में तलवार थामे पंच प्यारे और श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी थी। इसके पीछे महिलाओं की संगत शबद कीर्तन करती चलीं। बैंड पर भी शबद कीर्तन की धुन बजती रही। नगर कीर्तन तोपखाना रोड, मछली बाजार, फर्राश खाना, हामिद गेट, सराफा बाजार, पुरानी तहसील, बाजार नसरुल्लाह खां, हाथीखाना, शाहबाद गेट, राहे मुर्तजा, रेलवे स्टेशन, जामा मस्जिद, गुरुद्वारा संत भाई जी बाबा से होते हुए गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार पहुंचा। प्रधान सरदार गुरजीत सिंह आहूजा ने बताया कि नगर कीर्तन में सभी धर्मों के लोग शामिल रहे। नगर कीर्तन पर जगह-जगह मुस्लिमों ने पुष्प वर्षा की। नगर कीर्तन का बन्नू बिरादरी ने फराशखाना और किला गेट के सामने स्वागत किया। इसके बाद नगर कीर्तन सर्राफा बाजार में पहुंचा तो सर्राफा कमेटी नगर कीर्तन का स्वागत किया। नगर पालिका परिषद के सामने स्थित गुरुद्वारा कलघीधर खालसा मोहल्ला हाथीखाना पर नगर कीर्तन का ठहराव रहा। गुरुद्वारे में संगत ने लंगर ग्रहण किया। इसके बाद नगर कीर्तन कीर्तन देर रात को गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार पहुंचा। नगर कीर्तन में प्रधान गुरजीत सिंह आहूजा, जगजीत सिंह, हरपाल सिंह, नरेंद्र पाल सिंह लकी, कपेंद्र सिंह, हरमीत सिंह, कंवलजीत सिंह चितकारा, दर्शन सिंह खुराना, सतेंद्र सिंह आहूजा, त्रिलोचन सिंह, अवतार सिंह, निर्मल सिंह, मनमीत सिंह ओबराय, गुरविंद्र सिंह, तनप्रीत सिंह, बलजीत सिंह, मनदीप सिंह, अमृतपाल सिंह, महेंद्र सिंह, मनजीत सिंह माटा, महेंद्र सिंह गोल्डी, राधेश्याम अरोरा, गुलशन अरोड़ा समेत काफी संख्या में लोग शामिल रहे।
सुरक्षा के रहे कड़े बंदोबस्त, किया रूट डायवर्जन
नगर कीर्तन की सुरक्षा के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने रूट डायवर्जन कर दिया था। शास्त्री नगर से नगर कीर्तन शुरू होने के बाद बापू माल की ओर को आने वाले ट्रैफिक को मिस्टन गंज से पास कराया गया। नगर के चाकू बाजार पहुंचने पर रूट को बैजनाथ गली और चूने वाले फाटक से पास कराया गया। नगर कीर्तन के बाजार नसरुल्लाह खां पहुंचने पर ट्रैफिक को शाहबाद गेट से बरेली गेट और माला रोड से पास कराया गया। शाहबाद गेट के बाद टू लेन में एक लेन पर नगर कीर्तन आगे बढ़ता रहा जबकि, दूसरी लेन पर ट्रैफिक की आवाजाही होती रही।
शबद कीर्तन से संगत हुई निहाल
नगर कीर्तन में शबद कीर्तन से संगत निहाल हुई। वाद्य यंत्र लिए संगीतकार टाटा मैजिक में बैठे थे जबकि, महिला रागी जत्था शबद कीर्तन कर रहा था। पुरुष रागी जत्थे द्वारा शबद कीर्तन से संगत निहाल हुई। गले में ढोल और हाथों में मझीरा लेकर महिलाओं ने शबद कीर्तन से संगत को निहला किया। शबद कीर्तन के सुर के साथ आर्केस्ट्रा के संगीत की धुन से लोग सम्मोहित होकर मोबाइल से फोटो और मूवी बनाते रहे।
गुरुद्वारों समेत शहर की सजी सड़कें
श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 355वें प्रकाश दिवस के अवसर गुरुद्वारों और शहर की सड़कों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया। सिविल लाइन क्षेत्र में हाईवे के दोनों ओर रंग-बिरंगी लाइटें जगमग करती रहीं।
नगर कीर्तन में यह रहे आकर्षक का केंद्र
ऊंट, घोड़े पर निहंग सिंह, ताशे, सोनी बैंड, पंजाब ढाेल, खुर्शीद बैंड, मस्ताना बैंड, जिया बैंड, अखाड़ा रणजीत सिंह, कीर्तन जत्था शास्त्री नगर, स्केटिंग फोर्स, ढोल, अखाड़ा अमृत पाल सिंह, गुरु नानक पब्लिक स्कूल टीम, कीर्तन जत्था खालसा मोहल्ला, पंज निशानची, पंज प्यारे, गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी, शबदी जत्था स्त्री सत्संग सिविल लाइंस।
