केजीएमयू धर्मांतरण मामला : पूर्व डीजी ने बयान के लिए फैकल्टी मेंबर्स को किया तलब, नहीं शामिल रहा जांच समिति का कोई अन्य सदस्य
लखनऊ, अमृत विचार : केजीएमयू में महिला रेजिडेंट का यौन शोषण व धर्मांतरण का दबाव बनाने वाले आरोपी जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीजउद्दीन की तलाश जारी है। वहीं इस मामले में शुक्रवार को पूर्व महानिदेशक (पुलिस) भावेश कुमार सिंह ने पैथालोजी विभाग के शिक्षकों को तलब किया। शिक्षकों ने पूर्व महानिदेशक के सामने अपना बयान दर्ज कराया है, हालांकि इस दौरान जांच समिति के अन्य 6 सदस्य मौजूद नहीं रहे हैं। इसके पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है।
इस सब के बीच केजीएमयू प्रशासन ने एक फैसला और लिया है, जिसमें धर्मान्तरण प्रयास से जुड़ी किसी भी जानकारी, घटना या साक्ष्य साझा करने के लिए प्रमुख विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय के बाहर नोटिस चस्पा की जायेगी। जिससे कोई भी शख्स बिना अपना नाम बताये इस मामले में जानकारी साझा कर सकता है।
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि सात सदस्यीय कमेटी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है, लेकिन आज कमेटी में शामिल पूर्व पुलिस महानिदेशक की तरफ शिक्षकों के बयान दर्ज किये गये हैं। हालांकि उन्होंने इस बात की जानकारी नहीं दी कि जांच कमेटी के बाकी छह सदस्य शिक्षकों का बयान लेने में आखिर क्यों शामिल नहीं हुये।
विभागों में नोटिस चस्पा करेगा केजीएमयू प्रशासन
डॉ. केके. सिंह ने बताया कि धर्मान्तरण प्रयास से जुड़ी किसी भी जानकारी, घटना या साक्ष्य साझा करने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने पहले एक ईमेल आईडी जारी की थी। जिसमें इस मामले में डॉक्टरों, कर्मचारियों और जागरूक नागरिकों से तथ्य भेजने की अपील की गई थी, लेकिन अब केजीएमयू परिसर के प्रमुख कार्यालयों में नोटिस चस्पा की जायेगी, जिससे लोग अपना नाम बिना बताये जानकारी साझा कर सकते हैं। उनका नाम कैसे गोपनीय रहेगा। इस बात की जानकारी नोटिस में दी जायेगी।
आरोपी डॉक्टर पर इनाम घोषित
केजीएमयू में महिला रेजिडेंट से यौन शोषण व धर्मांतरण का दबाव बनाने वाले आरोपी जूनियर रेजिडेंट डा. रमीजुद्दीन नायक के खिलाफ गुरुवार को गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया है।
