सरकार ने 'X' को भेजा नोटिस : Grok से अश्लील कंटेंट हटाने के निर्देश, 72 घंटों में मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली। सरकार ने एक्स पर उपलब्ध कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित टूल 'ग्रोक' का दुरुपयोग कर महिलाओं और बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री परोसे जाने के आरोप में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजा है। साथ ही सरकार ने निर्देश दिया है, इस मामले में जो भी कार्रवाई की जाएगी या फिर समीक्षा की जाएगी, उसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को 72 घंटे में दी जाए।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को एक्स कॉर्प को भारत के कानूनों के तहत वैधानिक सावधानियों और दायित्वों का पालन करने में विफलता के आरोप में नोटिस जारी किया। यह नोटिस खासकर एक्स पर उपलब्ध टूल ग्रोक का इस्तेमाल करके बनाये और शेयर किये गये अश्लील, अभद्र और कामुक चित्रण सामग्री परोसे जाने के आरोपों के संबंध में दिया गया है।
मंत्रालय ने विस्तृत नोटिस में कहा कि उसे जनता और सांसदों से इस बारे में बार-बार रिपोर्ट और शिकायतें मिलती रही हैं। इन शिकायतों में आरोप है कि एक्स पर सर्कुलेट हो रही कुछ सामग्रियां शालीनता और अश्लीलता से संबंधित नियम कायदों का पालन नहीं कर रही हैं।
मंत्रालय ने एक्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध एआई-आधारित एप्लिकेशन "ग्रोक एआई" पर चिंता जतायी, जिसका कथित तौर पर महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाकर अश्लील और अपमानजनक तस्वीरें और वीडियो बनाने और शेयर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी सामग्रियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के स्तर पर सुरक्षा और नियमों के अनुपालन से संबंधित उसके तंत्र में गंभीर कमियों को दर्शाती हैं।
मंत्रालय ने कहा कि ये उल्लंघन एआई टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल के समान है। नोटिस में कहा गया है कि एक्स ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के प्रावधानों का, खासकर गैर-कानूनी सामग्री की प्रस्तुतियों की रोकथाम और उन्हें हटाने से संबंधित प्रावधानों का पर्याप्त रूप से पालन नहीं किया है।
इससे पहले शिव सेना (उद्धव) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने आज ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर एक्स पर एआई टूल ग्रोक का दुरुपयोग कर महिलाओं की तस्वीरों को नग्नता और अश्लील तरीके से दिखाये जाने की शिकायत की थी। उन्होंने इस पर कार्रवाई किये जाने की मांग की थी। चतुर्वेदी सूचना प्रौद्योगिकी और संचार से संबंधित स्थायी संसदीय समिति की सदस्य भी हैं। उन्होंने समिति के अध्यक्ष निशिकांत दूबे को भी इस पत्र की प्रति भेजी है।
