लोहिया संस्थान में तीसरी कैथ लैब शुरू, दिल के मरीजों को मिलेगा और बेहतर इलाज

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

अब एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की संख्या बढ़कर हुई 30, इमरजेंसी मरीजों का इंतजार होगा कम

लखनऊ, अमृत विचार : डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में शुक्रवार को तीसरी कैथ लैब का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। उन्हाेंने कहा कि, नई लैब से दिल के गंभीर मरीजों को तेजी से, सुरक्षित और प्रभावी इलाज मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक क्षेत्र में उन्नत हृदय रोग उपचार सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कार्डियोलॉजी विभाग को आवश्यकता अनुसार सभी आधुनिक उपकरण एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसी भी मरीज को जीवनरक्षक हृदय उपचार के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े।

वर्तमान में विभाग प्रतिदिन करीब 20 एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर जैसी प्रक्रियाएं कर रहा है, जो नई सुविधा के बाद बढ़कर लगभग 30 तक हो जाएंगी। इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इंतजार कम करना संभव होगा।

कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने बताया कि पिछले एक साल में विभाग में 57,132 मरीजों का ओपीडी में इलाज किया गया और 6,392 मरीजों को भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया गया। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सेवाओं में 4,748 कोरोनरी एंजियोग्राफी, 3,022 एंजियोप्लास्टी और 277 पेसमेकर प्रत्यारोपण किए गए।

उपमुख्यमंत्री ने मॉनिटरिंग रूम का निरीक्षण किया और मरीजों व उनके परिजनों से इलाज और सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया। निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि एक और कैथ लैब की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे संस्थान में कुल चार कैथ लैब होंगी। लोहिया संस्थान आधुनिक उपकरणों और सेवाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतरीन इलाज मुहैया कराने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस मौके पर सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. श्रीकेश सिंह, रजिस्टार डॉ. सुब्रत चन्द्रा, डॉ. आशीष झा, डॉ. सुदर्शन कुमार विजय, डॉ. नवीन जामवाल समेत अन्य डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।

 

संबंधित समाचार