लखीमपुर खीरी: टीजी-टू की मौत पर बवाल, कर्मचारियों ने डीएम कार्यालय व कोतवाली घेरी

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। शहर के गढ़ी रोड स्थित पावर हाउस में तैनात टीजी-टू रामगोपाल राणा की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही कर्मचारी आक्रोशित हो उठे। कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता पर वसूली का लगातार दबाव बनाकर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सदर कोतवाली घेर ली और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने के बाद कर्मचारी डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां भी जमकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की और बर्खास्तगी कर गिरफ्तारी न होने तक कार्य का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए।

 मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर अवनीश कुमार सिंह, सीओ सिटी विवेक तिवारी ने कर्मचारियों को किसी तरह से समझा बुझाकर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। तब जाकर धरना समाप्त हो सका। कर्मचारियों के अनुसार कोतवाली चंदनचौकी के गांव बेलापरसुआ निवासी रामगोपाल राणा की तैनाती बिलिंग काउंटर पर थी, लेकिन उन्हें बार-बार फील्ड में भेजकर उपभोक्ताओं से बकाया बिल वसूली का दबाव डाला जाता था। कई बार विरोध के बावजूद उनसे जबरन वसूली कार्य कराया गया। इसी दौरान ड्यूटी के समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे विद्युत विभाग में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। 

मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में बिजली कर्मी सुबह करीब नौ बजे सदर कोतवाली पहुंचे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। इसके बाद कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल की तत्काल बर्खास्तगी, गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक जिले के सभी पावर हाउसों पर कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा। आक्रोशित कर्मचारियों ने कहा कि विभाग में वर्षों से बकाया वसूली के नाम पर निचले कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है। लक्ष्य पूरे न होने पर मानसिक उत्पीड़न किया जाता है, जिसका खामियाजा रामगोपाल राणा को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। 

कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी खुद जिम्मेदारी लेने के बजाय कर्मचारियों को आगे कर देते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। सदर एसडीएम अश्वनी सिंह, एडिशनल एसपी पवन गौतम और सीओ विवेक तिवारी ने विद्युत कर्मियों से वार्ता कर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कर्मचारियों से अपनी मांगें और आरोप लिखित रूप में देने को कहा, ताकि उच्च स्तर पर कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों के समझाकर और आश्वासन के बाद विद्युतकर्मी शांत हुए। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा और अधिक उग्र रूप लेगा।

गठित कमेटी करेगी जांच 
साथी कर्मचारी की मौत से आहत और गुस्साए कर्मचारियों ने एसडीएम सदर अश्वनी कुमार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा और प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की। एसडीएम सदर अश्वनी कुमार सिंह ने टीम गठित कर उच्चस्तरीय जांच कराने और विभागीय स्तर पर भी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजे जाने का आश्वासन दिया। 

परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इंकार
शहर कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने बताया कि परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए हैं। परिजन विभागीय अधिकारियों पर रोस्टर के मुताबिक ड्यूटी न लगाने, मानसिक रूप से परेशान करने आदि का आरोप लगा रहे थे। मृतक कर्मचारी के  बेटे गौरव कुमार ने बताया कि पिता को लक्ष्य पूरा करने के लिए लगातार दबाव झेलना पड़ रहा था। बीती रात अधीक्षण अभियंता ब्रह्म पाल ने उनके पिता को बुलाकर अकेले में प्रताड़ित किया, जिससे वे पूरी तरह टूट गए थे। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

एसडीएम सदर अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि  कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच कर कार्रवाई के लिए ज्ञापन दिया है। कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। 

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