अवैध धर्मांतरण मामला : अधिवक्ताओं ने कैंडल मार्च का किया ऐलान, कहा- डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
लखनऊ, अमृत विचारः केजीएमयू से जुड़े कथित अवैध धर्मांतरण प्रकरण में आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन उर्फ रमीज मलिक और उसके कथित रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता हुई। अधिवक्ता मिलन के प्रमुख मृत्युंजय प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी पैथोलॉजी विभाग में जूनियर रेजिडेंट द्वितीय था और पहले भी एक हिंदू जूनियर डॉक्टर का धर्म परिवर्तन कर फरवरी 2025 में उससे निकाह कर चुका था, जिसे उसने गोपनीय रखा।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने अपनी वरिष्ठता का लाभ उठाकर जुलाई में प्रवेश पाने वाली एक अन्य हिंदू डॉक्टर छात्रा को धोखे में रखा। छात्रा इससे आहत हुई और उसने आत्मघाती कदम उठाया, जिसे समय पर इलाज मिलने से टाल दिया गया।
मिलन के सह-प्रमुख अम्बरीष वर्मा ने कहा कि विभिन्न विभागों से मिली सूचनाओं से यह एक संगठित रैकेट का संकेत देता है। उन्होंने मांग की कि इसकी जांच एसटीएफ या एटीएस से कराई जाए।
इस घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने 05 जनवरी को गोमतीनगर स्थित उच्च न्यायालय परिसर के बाहर कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया। साथ ही मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रेसवार्ता में अधिवक्ता निकिता मिश्रा, ममता पांडेय, शैलेन्द्र सिंह राजावत सहित कई अन्य अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
