UP: बंदर की घुड़की से डर कर भागी महिला की छत से गिरकर मौत
कलान, अमृत विचार। छत पर कपड़े उतारने गई महिला को बंदर ने घुड़क दिया। डर कर भागी महिला हड़बड़ी में दो मंजिला मकान से नीचे गिर गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस और फॉरेंसिंक टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच-पड़ताल की है। मृतका की पहचान रामवीर राठौर की पत्नी जमुना देवी (45) के रूप में हुई है।
बताया गया कि शनिवार शाम जमुना देवी घरेलू काम कर रहीं थीं। छत पर कपड़े सूख रहे थे। जमुना दो मंजिला मकान की छत पर कपड़े उतारने गई थीं। इसी दौरान एक बंदर वहां पहुंचा और उसने महिला को घुड़की दे दी। बंदर को देखकर महिला घबरा गई और भागने लगी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह मकान की छत से नीचे खड़ंजे पर जा गिरीं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। मृतका के चार पुत्र रुपेश, शोभित, दीपू, अजय और दो पुत्रियां उर्वशी व अमृता हैं। इनमें रुपेश और उर्वशी का विवाह हो चुका है, जबकि तीन पुत्र और एक पुत्री अविवाहित हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मृतका के पति रामवीर राठौर ने थाने पर तहरीर देकर पुलिस को दी। थाना प्रभारी शिवदीन वर्मा ने बताया कि महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
बंदरों की घुड़की और उत्पात से हो चुकीं कई मौतें
जिले में बंदरों की घुड़की और उत्पात के चलते लोगों की जान जाने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बीते कुछ महीनों के दौरान ऐसे हादसे हुए, जिनमें छत या छज्जे से गिरने के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की मौत हो गई। इन घटनाओं ने जिले में बंदरों के बढ़ते आतंक को उजागर किया है।
22 सितंबर 2025 को कांट थाना क्षेत्र के औधापुर गांव में बंदरों के हमले से घबराकर एक व्यक्ति छत से नीचे गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद 04 नवंबर 2025 को रोजा क्षेत्र के देवरास गांव में बंदरों की उछल-कूद से मकान का छज्जा गिर गया, जिसमें एक मासूम बच्चे की जान चली गई। दिसंबर 2025 में लगातार हादसे सामने आते रहे। 09 दिसंबर 2025 को जैतीपुर क्षेत्र के खेड़ा रठ गांव में बंदरों के उत्पात के दौरान मकान का छज्जा ढह गया। इस हादसे में नीचे खड़ा युवक मलबे में दब गया और उसकी मौत हो गई। इसके अगले ही दिन 08 दिसंबर 2025 को कलान क्षेत्र के एक मोहल्ले में बंदरों से बचने के प्रयास में एक बच्ची छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई।
16 दिसंबर 2025 को परौर क्षेत्र के दसिया गांव में बंदरों की घुड़की से घबराया 11 वर्षीय बालक छत से गिर पड़ा। परिजन उसे इलाज के लिए ले गए, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर लगातार घटनाओं से दहशत बढ़ रही है। इन सभी घटनाओं में एक समान कारण सामने आया, जिसमें बंदरों की घुड़की या उनके उत्पात से लोग घबरा गए और संतुलन बिगड़ने से ऊंचाई से गिर गए। अलग-अलग तारीखों पर हुई इन मौतों से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल रहा और लोगों ने बंदरों से निजात दिलाने की मांग उठाई।
