निर्यातक सम्मेलन: सिद्धार्थ नाथ ने कहा- निर्यात डिस्प्ले सेंटर तैयार कर दुनिया में छोड़ेंगे छाप
मुरादाबाद,अमृत विचार। दुनियाभर में निर्यात की छाप तैयार करने के लिए पीतल नगरी में निर्यात डिस्प्ले सेंटर तैयार किया जाएगा। विदेशी खरीददार आएंगे, डिस्प्ले सेंटर पर उत्पादों से रूबरू होंगे। उन्हें जानेंगे और निर्यातक उनसे व्यापार पर चर्चा करेंगे। इस सौगात को जल्द ही निर्यातकों को देने की घोषणा करते हुए एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह …
मुरादाबाद,अमृत विचार। दुनियाभर में निर्यात की छाप तैयार करने के लिए पीतल नगरी में निर्यात डिस्प्ले सेंटर तैयार किया जाएगा। विदेशी खरीददार आएंगे, डिस्प्ले सेंटर पर उत्पादों से रूबरू होंगे। उन्हें जानेंगे और निर्यातक उनसे व्यापार पर चर्चा करेंगे। इस सौगात को जल्द ही निर्यातकों को देने की घोषणा करते हुए एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने उद्यमियों को देसी उत्पादों के लिए आगे आने पर प्रेरित भी किया। उन्होंने हौसला बढ़ाते हुए चीन को पीछे छोड़ने के लिए निर्यातकों को संसाधन बढ़ाने का मंत्र भी दिया। लॉजिस्टिक वेयर हाउस पर उन्होंने काफी जोर दिया।
दिल्ली रोड स्थित नया मुरादाबाद में होटल होलीडे रिजेंसी में निर्यातक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह शामिल हुए। निर्यातकों ने उनके समक्ष सोर्सिंग हब का मुद्दा उठाया। ईपीसीएच की इस योजना को पूरा न हो पाने पर सवाल उठाए। बताया गया वर्ष 2011 में करीब 24 से 25 करोड़ रुपये की लागत से इस बिल्डिंग को तैयार करना शुरू किया गया। पर एमडीए की ढीले रवैये के कारण अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका।
मंत्री ने डिस्प्ले सेंटर के जरिए, उनकी इस समस्या के हल करने का आश्वासन दिया। एक मुद्दा एसईजेड को लेकर निर्यातक हेमंत जुनेजा ने उठाया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री हब का यह स्थान जहां बना है, वहां कंटेनर मूवमेंट की समस्या है। फैक्ट्री में ही पूरी तरह से माल को तैयार करने की शर्त भी है, जो कई फैक्ट्री संचालक पूरी नहीं कर सकते।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में अधिकतम राशि 25 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ किए जाने और एसईजेड में पाकिट सी को एसईजेड से बाहर सामान्य औद्योगिक क्षेत्र में परिवर्तित किए जाने संबंधी समस्याओं को उठाया। इसपर निराकरण का आश्वासन मिला। सम्मेलन में महापौर विनोद अग्रवाल, विधायक रितेश गुप्ता, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड गोपाल अंजान, जिला अधिकारी राकेश कुमार सिंह, सीडीओ आनंद वर्धन, लघु उद्योग भारती अंशल अग्रवाल, उपायुक्त उद्योग विभाग अनुज कुमार, दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सतपाल, हेमंत जुनेजा, पवन अग्रवाल आदि निर्यातक मौजूद रहे।
ओडीओपी के तहत चेक व टूल किट बांटी
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत रोहित सिंह, पूजा वर्मा, अंकिता गुप्ता को 10-10 लाख, सोनिया कपूर को 25 लाख और निश्चल आर्य को दो करोड़ के ऋण के चेक दिए। मनोज यादव व नरेशन सहित पांच को टूल किट भी बांटी।
मुझे पहनने पड़े डायपर और जोर से लगे ठहाके
उद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ जब मंच पर आकर अपने वक्तव्य की शुरूआत की तो जीवन के एक समय का जिक्र करते हुए कहा। जो कहा उन्होंने, उसको सुनकर निर्यातकों ने जोर के ठहाके लगाए। मंत्री ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1886 में कारोबारी बनने की जिद में इटली से डायपर बनाने की मशीन खरीदी। उस पर काम शुरू किया। लक्ष्य रखा कि 90 हजार बच्चों को यह डायपर पहनाएंगे। पांच रुपये का एक डायपर है, जल्द ही खूब पैसा भी आ जाएगा। पर जागरूकता का अभाव था और वह ऐसा कर न सके। व्यंगात्मक रूप में कहा कि बाद में उन्हें ही वे डायपर पहनने पड़े।
प्रदूषण मुक्त शहर रखना सबकी जिम्मेदारी
मंत्री सिद्धार्थ नाथ ने प्रदूषण नियंत्रण पर भी जोर दिया। जो फैक्ट्रियां प्रदूषण की वजह हैं, उन्हें इसपर खुद जिम्मेदारी उठानी चाहिए। शहर दूषित होगा तो इसका असर उनपर भी पड़ेगा। जरूरी है कि जागरूकता व जिम्मेदारी निभाते हुए वह इसपर ध्यान दें।
मेंथा के लिए बढ़ाएं खेती के साधन
मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मेंथा कारोबार बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने रामपुर और संभल के मेंथा कारोबारियों को जमीन बढ़ाने के लिए कहा। उदाहरण के तौर पर उन्होंने ललितपुर में दो हजार एकड़ भूमि में मेंथा की खेती होने का उदाहरण देकर कारोबारियों का हौसला बढ़ाया। ओडीओपी में इसे शामिल करने से भी मेंथा कारोबारियों को लाभ पहुंचा है।
शहद उद्योग पर प्रेरित किया
एमएसएमई मंत्री ने हनी इंडस्ट्रीज पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो बाजार से शहर खरीदकर खाते हैं, उसमें ज्यादा चीनी मिली होती है। नकली शहर को हम अपनी सेहत के लिए प्रयोग करते हैं। जबकि उससे कई गुना सेहतमंद शहर खादी उद्योग में मिलता है। देश में 18 हजार मीट्रिक टन शहर उत्पादन होता है, जबकि जरूरत डेढ़ लाख मीट्रिक टन की है। इस जरूरत को देश में ही पूरा कर लिया जाए, तो चीन को देश में झांकने का भी मौका नहीं मिलेगा। हनी मिशन उद्योग में पांच करोड़ का प्रोजेक्ट है। सरकार 90 प्रतिशत अनुदान देती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उद्योग से विकास होगा।
पशुपालन पर जोर दिया
मंत्री सिद्धार्थ नाथ ने पशुपालन पर भी जोर दिया। उदाहरण प्रयागराज का देते हुए बोले कि वहां के भेड़ पालक मायूस थे। पता चला तो जब पूछा गया क्या वजह है कि भेड़ पालक परेशान है। बताया गया कि अब ऊन पाकिस्तान व कुछ अन्य देशों की ली जाती है। हमारी भेड़ों की ऊन को सख्त बताकर नहीं लिया जाता। भेड़ पालकों को प्रेरित किया कंबल, ऊन उत्पादन फैक्ट्री भी बनाई। अब वहां के भेड़ पालक खुद को खुशहाल महसूस करते है। इसी तरह पशुपालन कर दूध की मात्रा में बढ़ौत्तरी कर सकते हैं। इससे गांव के लोगों को भी बेहतर कार्य मिल सकेगा।
जिले में निजी हेलीकाप्टर सर्विसेज होगी शुरू
कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने निर्यातकों को जिले में निजी हेलीकाप्टर सर्विसेज चालू करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद भ्रमण पर आने से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ से उनकी बात हुई। बाया रोड रामपुर, मुरादाबाद जाने की बात कहने पर उन्होंने इस समस्या को खत्म करने के लिए हेलीकाप्टर सर्विसेज के लिए आश्वासन दिया है।
