मुख्यमंत्री के वार्ड में भी वाटर लाइन से गंदे पानी की आपूर्ति, 7 साल से सुधार का इंतजार कर रही क्षेत्रीय जनता और पार्षद
जर्जर हो चुकीं वाटर लाइनों से हो रही दूषित पानी की आपूर्ति, सैकड़ों बार प्रदर्शन के बाद भी आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला
लखनऊ, अमृत विचार : महात्मा गांधी-विक्रमादित्य वार्ड में 5 कालिदास मार्ग पर मुख्यमंत्री का सरकारी आवास है। इस वीवीआईपी वार्ड के उदयगंज, बरफखाना, नई बस्ती आदि क्षेत्रों में भी वाटर लाइन से गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है। दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार हो चुके हैं और कुछ की मृत्यु भी हो चुकी है। क्षेत्रीय निवासियों ने सैकड़ों बार प्रदर्शन किया। हर बाद जलकल विभाग आश्वासन तो मिला लेकिन सुधार नहीं हुआ।
महात्मा गांधी-विक्रमादित्य वार्ड में 30 से 40 वर्ष पुरानी वाटर लाइनें जर्जर हो गई हैं। इनमें जगह-जगह लीकेज और डैमेज हैं। कई जगह वाटर लाइनें सीवर से होकर गुजर रही हैं। जलकल विभाग से जलापूर्ति होने पर करीब आधे घंटे तक नलों से गंदा पानी नलों में आता है। लोग पीने का पानी नगर निगम की सबमर्सिबल टंकियों से भरकर काम चला रहे हैं। पार्षद अमित चौधरी ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेश की तक अवहेलना कर रहे हैं। सभी वार्डों में समान विकास के निर्देश के बाद भी उनके वार्ड में 15वें वित्त और अवस्थापना निधि से कोई काम नहीं मिला। पार्षद ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए जनता कई बार सड़क पर प्रदर्शन कर चुकी है। सीवर और वाटर लाइन पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। घरों में नलों से गंदा पानी आ रहा है। दूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद जलकल महाप्रबंधक ने लाइन बदलने के लिए जल निगम के अधीक्षण अभियंता को मई 2025 में पत्र लिखा था लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
बसपा से बीजेपी में शामिल पार्षद की नहीं हो रही सुनवाई
बहुजन समाज पार्टी से एकमात्र जीते पार्षद अमित चौधरी वार्ड के विकास के लिए भाजपा में शामिल तो हो गए लेकिन उनकी नगर निगम में सुनवाई नहीं हो रही है। बीजेपी की महापौर और बहुमत के बाद भी उनकी उपेक्षा हो रही है। क्षेत्र में पेयजल की समस्या के लिए उन्होंने जलकल विभाग के महाप्रबंधक को कई बार पत्र लिखा। जलकल महाप्रबंधक ने वार्ड में पुरानी और जर्जर वाटर और सीवर लाइन बदलने के लिए जल निगम के अधीक्षण अभियंता को मई 2025 में पत्र लिखा लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
