Sankashti Chaturthi 2026: काशी में उमड़ीं श्रद्धालुओं की भीड़, संकष्टी चतुर्थी पर मंदिरों में पहुंच रही महिलाएं
वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी में माघ मास की कृष्ण चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी पर मंगलवार को लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्त गणेश जी को पिले फल, फूल, मिठाई और वस्त्र अर्पित कर रहे हैं। संतान प्राप्ति और उनके दीर्घायु जीवन की कामना के लिए संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने वाली महिलाएं मंदिर में पहुंच रही हैं।
डीएवी कॉलेज मार्ग से ही भक्तों की लंबी कतार बड़ा गणेश मंदिर तक दिख रही है। माघ मास की इस चतुर्थी को संकट चौथ, वक्रतुंडी चतुर्थी तथा तिलकुटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं, पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बड़ा गणेश मंदिर में कपड़े के थैले वितरित किए गए।
संकष्टी चतुर्थी पर नमामि गंगे ने बड़ा गणेश मंदिर में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई। 'बंद करो पॉलीथिन, काशी और गंगा को बनाओ सुंदर और क्लीन' का संदेश देते हुए नमामि गंगे ने प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक (जैसे प्लास्टिक की थैलियों) से होने वाले प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से काशी के पौराणिक बड़ा गणेश मंदिर में कपड़े के थैले श्रद्धालुओं को वितरित किए।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक तथा नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने आह्वान किया कि भक्त प्रसाद और अन्य सामान ले जाने के लिए कपड़े के थैलों का उपयोग करें तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचें, जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़े और स्वच्छ वातावरण तथा सुरक्षित जल स्रोत सुनिश्चित हो सकें।
