लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट बुजुर्ग को पुलिस ने बचाया, CBI अधिकारी बन 6 घंटे तक बनाया बंधक, वॉशरूम के बहाने रिश्तेदार को दी थी सूचना
लखनऊ, अमृत विचार: कृष्णानगर में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर साइबर जालसाजों ने रिटायर्ड बैंककर्मी को छह घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। पीड़ित की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से बड़ी साइबर ठगी होने से बच गयी। बैंक ऑफ बड़ौदा से रिटायर्ड पीड़ित इंद्रजीत सिंह सिंधु नगर में रहते हैं। उनके विवाहित बेटा-बेटी बाहर रहते हैं।
इंद्रजीत की कैंसर पीड़ित पत्नी इलाज के सिलसिले में रिश्तेदार के यहां गई हुई थीं। घर में अकेले होने का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। बताया गया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे उनके पास एक कॉल आयी। फोनकर्ता ने सीबीआई अधिकारी बनकर डपटा। उनपर महिलाओं और बच्चियों को अश्लील वीडियो भेजने का फर्जी आरोप मढ़ा।
पीड़ित ने सफाई दी तो आरोप और गंभीर कर दिए गए। यही नहीं उनपर हवाला कारोबार से जुड़ा होने की बात कही। धमकाया कि आपका नंबर सर्विलांस पर है। करीब छह घंटे तक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर रखा गया। शाम के समय उन्होंने हिम्मत जुटाई और वाॅशरूम जाने का बहाना बनाकर घर से बाहर निकले।
इसके बाद पड़ोसी के फोन से अपने एक रिश्तेदार को पूरी घटना की जानकारी दी। रिश्तेदार ने कृष्णानगर पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर कृष्णानगर पीके सिंह पुलिस टीम के साथ रात करीब नौ बजे पीड़ित के घर पहुंचे और उन्हें साइबर जालसाजों के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस की तत्परता से पीड़ित किसी बड़ी ठगी का शिकार होने से बच गए।
