मतदाता सूचियों में अंतर पर अखिलेश यादव का सवाल, 'डबल इंजन या डबल ब्लंडर' सरकार

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की मतदाता सूचियों में सामने आए भारी अंतर को लेकर भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि प्रदेश में चल रही सरकार 'डबल इंजन' की है या फिर 'डबल ब्लंडर' की, क्योंकि विधानसभा, पंचायत और नगर निकाय चुनावों की मतदाता सूचियों में लाखों-करोड़ों मतदाताओं का अंतर समझ से परे है।

गुरुवार को पार्टी की तरफ से जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि निर्वाचन आयोग और अन्य स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा मतदाता सूची (एसआईआर के बाद, प्रारूप-2026) में 12.56 करोड़ मतदाता दर्ज हैं।

वहीं उत्तर प्रदेश पंचायत मतदाता सूची (एसआईआर संशोधित अस्थायी-2026) में 12.70 करोड़ मतदाता बताए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2023 की उत्तर प्रदेश नगर निकाय मतदाता सूची में लगभग 4.32 करोड़ मतदाता शामिल थे।

उन्होंने कहा कि यदि यह मान भी लिया जाए कि नगर निकाय मतदाता सूची में त्रुटियां थीं और एसआईआर के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत यानी करीब 1.08 करोड़ मतदाताओं की कमी हुई हो, तब भी संशोधित नगर निकाय मतदाता सूची में लगभग 3.24 करोड़ मतदाता शेष रहने चाहिए।

ऐसे में पंचायत और नगर निकाय मतदाता सूचियों का कुल योग लगभग 15.80 करोड़ होना चाहिए। सपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब यह संख्या 15.80 करोड़ तक पहुंचती है, तो विधानसभा मतदाता सूची में केवल 12.56 करोड़ मतदाता कैसे रह गए। करीब 3 करोड़ मतदाता आखिर कहां गायब हो गए।

उन्होंने आशंका जताई कि भारतीय जनता पार्टी के दबाव में निर्वाचन आयोग पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासियों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के मताधिकार को सीमित करने का प्रयास कर रहा है। अखिलेश यादव ने मांग की कि सरकार और निर्वाचन आयोग इन आंकड़ों के अंतर पर तत्काल स्पष्टीकरण दें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास बना रहे।  

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